कोई भी सरकारी, प्राइवेट, एनजीओ व अन्य संस्थाएं अब स्कूल टाइमिंग के दौरान किसी भी स्कूल के क्लासरूम में जाकर स्टूडेंट्स से इंटरेक्शन नहीं कर सकेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस बारे में शहर के सभी स्कूलों के प्रिंसिपल व हेड को लेटर जारी किया है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूल टाइमिंग के दौरान संस्थाओं की तरफ से कराए जाने वाले कार्यक्रमों की वजह से स्टूडेंट्स की पढ़ाई डिस्टर्ब होती है। इसके साथ ही टीचर्स का भी काफी समय बर्बाद होता है। जिला शिक्षा अधिकारी अनुजीत कौर ने लेटर में लिखा है कि स्कूल के सभी टीचर्स वर्ष 2021 में होने वाले पीसा टेस्ट की तैयारियों में लगे हैं।
ऐसे में स्कूल टाइमिंग के दौरान बाहर से आने वाली संस्थाओं की वजह से क्लासेज प्रभावित होती हैं। इस तरह की दखलअंदाजी की वजह से स्कूलों में हो रही पढ़ाई बहुत प्रभावित होती है। ऐसे में बच्चों के एजुकेशन की क्वालिटी पर भी असर पड़ता है।
लेटर में कहा गया है कि स्कूल में कराए जाने वाले प्रोग्रामों में स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्टॉफ काफी मेहनत करते हैं, लेकिन क्रेडिट यह संस्थाएं ले जाती हैं। सरकारी विभागों को सलाह दी गई है कि वह स्कूल से सीधे संपर्क से बचें।
सभी स्कूलों के प्रिंसिपल व हेड को कहा गया है कि वह सिर्फ उन्हीं संस्थाओं को स्कूल में प्रवेश दें, जिन्होंने किसी अथॉरिटी से परमिशन ली हो। सभी स्कूलों को यह हिदायत दी गई है कि इन आदेशों की सख्ती से पालना की जाए। लेटर की कॉपी यूटी शिक्षा सचिव बीएल शर्मा और डॉयरेक्टर स्कूल एजुकेशन रूबिंदरजीत सिंह बराड़ को भी भेजी गई है।