पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिशन(पुटा) के घोषणा पत्र से इस बार पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का मुद्दा गायब है। एक ग्रुप ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है। उसमें इसका थोड़ा ही जिक्र है। हालांकि वह यह मुद्दा उठाते रहेंगे। वहीं दूसरे ग्रुप ने घोषणा पत्र अभी जारी नहीं किया है।
उनकी ओर से प्रचार के दौरान दिए जा रहे पंफलेट में यह मुद्दा कहीं भी नजर नहीं आ रहा है, जबकि पीयू की 90 फीसदी समस्याओं का एक ही इलाज है पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया जाए। पीयू केंद्रीय विश्वविद्यालय बनता है तो यहां संसाधनों की कमी नहीं रहेगी और सातवां वेतनमान का लाभ तुरंत मिलना शुरू हो जाएगा।
इस दिशा में कदम शिक्षकों को उठाना होगा। उसके बाद पीयू प्रशासन पर दबाव बनाकर केंद्र सरकार को जगाया जाए। पीयू के पास प्लस प्वाइंट यह है कि केंद्र सरकार पीयू को सालाना 250 करोड़ रुपये से अधिक देती है जो वेतन के काम आता है। हालांकि पहले शिक्षकों की ओर से इस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन आदि किया गया है। इस मुद्दे को फिर से उठाने की जरूरत है।