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तीन दिन में परीक्षाएं और सीबीएसई ने चंडीगढ़ के 100 विद्यार्थियों के रोक लिए रोल नंबर, वजह बताईं दो

Fri, 21 Feb 2020 10:40 AM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
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सीबीएसई बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की परीक्षाओं में तीन दिन बचे हैं और बोर्ड ने चंडीगढ़ के 100 विद्यार्थियों के रोल नंबर रोक लिए हैं। इस वजह से वे स्टूडेंट्स परीक्षा में बैठने से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में अब इन सभी स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर लगा गया है। इससे विद्यार्थी और उनके परिजन काफी चिंतित हैं।
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इनमें 10वीं और 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स शामिल हैं। रोल नंबर जारी करने का मामला वीरवार को चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) के पास पहुंचा। इसके बाद सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन ने संबंधित स्कूलों की शिकायत सुनी।

प्राइवेट डॉक्टरों का सर्टिफिकेट मान्य नहीं
सीबीएसई के नियमों के अनुसार, निजी डॉक्टरों की ओर से जारी किया गया मेडिकल सर्टिफिकेट मान्य नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन स्टूडेंट्स का रोल नंबर रुका है। उनमें से ज्यादातर ने प्राइवेट डॉक्टरों से मेडिकल सर्टिफिकेट बनाकर जमा करवाएं हैं। इस वजह से सीबीएसई ने उनके रोल नंबर जारी नहीं किए।
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विद्यार्थियों की हाजिरी भी कम

एक स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि उन्होंने स्टूडेंट्स की हाजिरी 14 फरवरी तक भेजी है। जबकि सीबीएसई की ओर से केवल एक जनवरी 2020 तक ही हाजिरी को गिना गया है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई की ओर से रोल नंबर रोकने से स्टूडेंट्स और परिजन बहुत ज्यादा परेशान हैं और रोजाना स्कूल में इस विषय में चिंता व्यक्त करते हैं।

सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूल के स्टूडेंट्स शामिल
जिन स्टूडेंट्स के रोल नंबर रोके गए हैं उनमें सरकारी और प्राइवेट स्कूल दोनों शामिल हैं। वीरवार को गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल-मौली जागरां ने इस मामले को सीसीपीसीआर के सामने उठाया था। स्कूल प्रशासन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सीबीएसई ने कई स्टूडेंट्स की हाजिरी कम होने की बात कही है। जबकि उन्होंने एक जनवरी 2020 तक स्टूडेंट्स की हाजिरी उन्हें भेज दी है।
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रोल नंबर रोकने को लेकर हमारे पास मामला आया है। इस बारे में सीबीएसई रीजनल ऑफिस में बात की है। स्टूडेंट्स के रोल नंबर नई दिल्ली से जारी होते हैं। इस बारे में नई दिल्ली सीबीएसई ऑफिस और नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन चाइल्ड राइट्स  (एनसीपीसीआर) को पत्र लिखकर स्टूडेंट्स के रोल नंबर बहाल करने की बात कही है।
- हरजिंदर कौर, चेयरपर्सन, सीसीपीसीआर

यह सीबीएसई का मामला है। इसमें दखलअंदाजी नहीं दे सकते । चूंकि हमारे स्कूलों के बच्चे हैं तो हम सीबीएसई से संपर्क में हैं। बच्चों को उनके रोल नंबर मिल पाएं जिससे उनका साल खराब होने से बचाया जा सके।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक, यूटी
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