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सीबीएसईः पेपर देकर निकली छात्राओं का खुलासा- सोशियोलॉजी का टीचर नहीं, खुद पढ़कर दी परीक्षा

Tue, 12 Mar 2019 10:03 AM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एग्जाम देकर सेंटर से निकलते विद्यार्थी
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं क्लास का सोशियोलॉजी का पेपर सोमवार को हुआ, जिसे लेकर छात्राओं ने बेहद अहम और चौंकाने वाला खुलासा किया। चंडीगढ़ में सेक्टर 18 स्थित जीजीएमएसएसएस-18 में बने सेंटर से सेक्टर-27 स्थित गर्वमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्र-छात्राएं पेपर देकर निकले।
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एक बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि स्कूल में साल भर सोशियोलॉजी विषय की क्लास ही नहीं लगी, क्योंकि स्कूल में इस सब्जेक्ट का कोई टीचर ही नहीं है। तैयारी कैसे करनी है, कौन से सैंपल पेपर से पढ़ना है, यह बताने के लिए भी कोई टीचर नहीं था...फिर भी हमारा पेपर अच्छा ही हुआ। क्योंकि हमने खुद ही पढ़कर तैयारी कर ली।

हालांकि यह बात सोच से परे है कि 12वीं के जिन 250 छात्रों को साल भर सोशियोलॉजी पढ़ाया ही नहीं गया, उनका रिजल्ट कितना अच्छा होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि शिक्षा विभाग 100 फीसदी रिजल्ट की उम्मीद कैसे कर सकता है?
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इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?

जीएमएसएसएस-27 में 12वीं क्लास में सोशियोलॉजी के करीब 250 स्टूडेंट हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं है। स्टूडेंट्स ने कई बार प्रिंसिपल को कहा कि टीचर नहीं होने की वजह से उनकी तैयारी नहीं हो पा रही है, लेकिन पूरा साल निकल गया कोई टीचर नहीं आया। आखिर के दिनों में एक टीचर आया वह भी सिर्फ प्रैक्टिकल लेने के लिए।

जानकारी के अनुसार, स्कूल में 2 साल पहले तक इस सब्जेक्ट के टीचर थे, लेकिन उनके रिटायर होने के बाद से अभी तक कोई दूसरा टीचर नहीं आया। अब पेपर तो देना ही था, इसलिए सैंपल पेपर उन्होंने खुद ही ढूंढे हैं। सूत्रों के मुताबिक, स्कूल की तरफ से पद खाली होने की जानकारी काफी पहले ही भेजी जा चुकी थी, बावजूद इसके कोई कदम नहीं उठाया गया।

शिक्षा विभाग के इस रवैये का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। इससे पता चलता है कि छात्रों के भविष्य को लेकर कितनी चिंता की जा रही है।
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लंबा था, पर आसान था पेपर

पेपर देश भर में एक ही समय पर पर आयोजित किया गया था। पेपर देने के बाद कुछ स्टूडेंट्स के चेहरे पर मुस्कान थी तो कुछ थोड़े निराश दिखाई दिए। एक छात्र ने बताया कि पेपर आसान था। वहीं कुछ छात्रों ने बताया कि 4 अंकों के सवालों ने अन्य सवालों के मुकाबले ज्यादा समय लिया। अन्य छात्रों ने बताया कि पेपर संतुलित था। अधिकतर सवाल एनसीईआरटी की किताब से ही पूछे गए थे। हालांकि 2 नंबर के कुछ सवाल पेचीदा थे, लेकिन अधिकतर सवाल आसान थे।

जल्द ही टीचर की कमी पूरी होगी
कुछ स्कूलों में टीचर्स की कमी है, लेकिन जीएमएसएसएस-27 में सोशियोलॉजी के टीचर की कमी के बारे में जानकारी नहीं थी। जल्द ही कमियों को पूरा किया जाएगा।
- अनुजीत कौर, डीइओ
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