नौवीं और 11वीं में कंपार्टमेंट आने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। ये छात्र कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन होने पर टीसी लेकर अपने परिजनों के साथ यूपी और बिहार लौट गए थे। उनकी यहां के स्कूलों में रजिस्ट्रेशन हो गई थी। नियमानुसार अब उन्हें वहां दाखिला नहीं मिलेगा। इसके लिए उन्हें दोबारा से 9वीं कक्षा देनी पड़ेगी। शिक्षा विभाग ने शहर के सरकारी स्कूलों से ऐसे छात्रों की लिस्ट मांगी है। शिक्षा विभाग की ओर से 20 अप्रैल को 9वीं और 11वीं की परीक्षा का नतीजा घोषित किया गया।
इस बार कोरोना वायरस के चलते किसी भी स्टूडेंट्स को फेल नहीं किया गया और सभी को 30-30 नंबर ग्रेस मार्क्स के रूप में दिए गए थे। इसके बावजूद नौवीं क्लास में 4000 के करीब स्टूडेंट्स और 11वीं क्लास में 550 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट आई है। विभाग ने पहले 15 मई को कंपार्टमेंट परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में लॉकडाउन के चलते इसे स्थगित कर दिया। विभाग की तरफ से परीक्षा की जगह दूसरा कोई विकल्प भी नहीं निकाला गया।
क्या कहते हैं शिक्षक
सरकारी स्कूल के एक हेडमास्टर ने बताया कि शहर से 9वीं और 11वीं में कंपार्टमेंट वाले सैकड़ों स्टूडेंट्स अपनी टीसी लेकर चले गए हैं। उनके स्कूल से 9वीं कक्षा के 5 स्टूडेंट्स अपनी टीसी लेकर गए हैं। टीचर्स ने स्टूडेंट्स को यहीं रुकने की सलाह दी थी क्योंकि उनकी 9वीं में यहां रजिस्ट्रेशन हो गई है। अब किसी और राज्य में उन्हें दाखिला नहीं मिलेगा, इसके लिए उन्हें दोबारा से 9वीं कक्षा करनी पड़ेगी। यही नियम ग्याहरवीं कक्षा के स्टूडेंट्स पर भी लागू होता है।