पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से निकाली गई 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्तियों पर रोक हट गई है। इसके साथ ही फार्मों की स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। इन पदों के लिए पीयू को 1000 से अधिक आवेदन पीयू मिले है। दिसंबर में पीयू शिक्षकों का साक्षात्कार करवाकर नए साल में ज्वाइनिंग लेटर दे देगा। इससे जहां शिक्षकों की कमी पूरी होगी, वहीं पीयू की रैकिंग में भी फर्क पड़ेगा।
बाकी शिक्षकों के खाली पदों को भरने की भी तैयारी की जा रही है। उसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखे जा रहे हैं। वीसी प्रो. राजकुमार ने एमएचआरडी मंत्री से नियुक्तियों को लेकर मुलाकात किए हैं। उन्होंने इसके लिए आश्वासन भी दिया है। पीयू में शिक्षकों की लंबे समय से कमी महसूस हो रही है। यही कारण है कि फेकल्टी व स्टूडेंट्स औसत ठीक नहीं हो पा रहा है।
रैंकिंग भी इसी कारण प्रभावित हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू ने 26 शिक्षकों की रिक्तियां निकाली थीं, लेकिन यह प्रस्ताव सिंडिकेट में पहुंचा तो आपत्ति लगा दी गई और भर्ती प्रभावित हो गई। सिंडिकेट के मेंबर्स ने पूरा रिकॉर्ड जांचा है। उन्होंने देखा है कि निकाली गई नियुक्तियों की जरूरत उन विभागों को है या नहीं।
सूत्रों का कहना है कि सिंडिकेट के मेंबरों की मौखिक सहमति मिल गई है। उसी के चलते फार्मों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। मालूम हो कि पीयू को 26 पदों के लिए 1000 हजार से अधिक आवेदन मिले हैं। यानी एक पद के लिए 35 से 40 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।