यूपीएससी द्वारा घोषित नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के परीक्षा परिणाम में पंजाब के 17 विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जो अब सेना में अफसर बनेंगे। ये सभी विद्यार्थी महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रिप्रेटरी संस्थान मोहाली के हैं। संस्थान के छात्र कैडेट गोविंद गुप्ता देश में चौथे और कैडेट कौशल शर्मा 11वें स्थान पर रहे हैं।
संस्थान के पांच छात्र टॉप 50 व आठ छात्र टॉप 100 में जगह बनाने में कामयाब रहे। डायरेक्टर रिटायर्ड मेजर जनरल बीएस गरेवाल ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। एनडीए की परीक्षा में पास हुए सभी विद्यार्थी संस्थान के 7वें बैच के हैं। देश में चौथे स्थान पर रहे कैडेट गोविंद गुप्ता पटियाला से संबंध रखते हैं।
उनके पिता पेशे से इंजीनियर हैं, जबकि मां गवर्नमेंट टीचर हैं। वहीं, 11वें स्थान पर रहे कैडेट कौशल भी पटियाला से ही संबंध रखते हैं। उसके पिता सीनियर क्वालिटी अफसर के पद पर तैनात हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। जिक्रयोग है कि संस्थान से अब तक छह बैच निकल चुके हैं। इन बैचों से एनडीए व अन्य एजेंसियों के लिए 119 छात्र सिलेक्ट हुए हैं।
एनडीए की मेरिट लिस्ट में भी टॉप कर चुके हैं संस्थान के छात्र
इससे पहले संस्थान के छात्र एनडीए की मेरिट सूची में भी टॉप कर चुके हैं। वहीं, एक छात्र ने नवल एकेडमी चेन्नई की मेरिट लिस्ट में टॉप किया था। संस्था के पहले दो बैच के करीब 35 छात्र अब तक अपनी प्री कमीशन ट्रेनिंग पास कर चुके हैं। वहीं, इस समय वह आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अफसर रैंक पर तैनात हैं। उम्मीद है कि बीस कैडेट इसी साल जून में कमीशन पास कर लेंगे। बता दें कि मेरिट सूची में देश से 550 छात्र सिलेक्ट किए गए हैं। यह सिलेक्शन प्रक्रिया एक सिस्टम के तहत हुई है।
ऐसे बना था यह संस्थान
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिप्रटरी इंस्टीट्यूट में इस समय 8वें और 9वें बैच की ट्रेनिंग चल रही है। यह संस्थान 2011 में सरकार द्वारा उस समय स्थापित किया गया था, जब पंजाब के युवा सेना में कम-अफसर बन रहे थे। इस दौरान सरकार ने मंथन कर फैसला लिया था, जिसके बाद अब इस दिशा में कार्रवाई शुरू हुई। संस्थान के इस मॉडल को अब कई राज्य फॉलो कर रहे हैं। इनमें राजस्थान व हैदराबाद जैसे राज्य शामिल हैं।