आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे जाट सोशल मीडिया पर भी खूब आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस बीच एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली गई, जिस पर खूब खिंचाई भी हुई। कर्मचारियों से जुड़े व्हाट्सऐप ग्रुप पर जाट समुदाय के कर्मियों ने अलग-अलग तरह की पोस्ट डालने का जिम्मा संभाला है। हालांकि इस पर अन्य कर्मचारियों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं।
हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के व्हाट्सऐप ग्रुप पर सोमवार रात नौ बजकर चालीस मिनट पर एक शिक्षक ने जाट आंदोलन से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट डाला। पोस्ट डालने के साथ ही जैसे ही अन्य शिक्षकों ने उनकी खिंचाई शुरू की, उन्होंने पोस्ट गलती से डलने का तर्क दिया, लेकिन शिक्षक कहां रुकने वाले थे। उन्होंने न केवल शिक्षक के जाट आंदोलन से जुड़े पोस्ट पर सवाल उठाए, बल्कि वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यों का भी बखान कर डाला।
इस पर पोस्ट डालने वाले शिक्षक जवाब देने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। ग्रुप में शामिल शिक्षक सदस्यों ने हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश मलिक से तत्काल पोस्ट डालने वाले शिक्षक को ग्रुप से हटाने की मांग उठाई। इस पर मंगलवार सुबह मलिक ने शिक्षक को ग्रुप से निकाल दिया। शिक्षक का पोस्ट जाटों को हक दिलाने, और जाट आंदोलन से निटपने के लिए सेना के साथ दिल्ली पुलिस की तैनाती को लेकर जुड़ा था। इससे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी जोड़ा गया था।