चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से परिसर को व्हीकल जोन फ्री बनाने के लिए वीसी प्रो. राजकुमार की ओर से हॉस्टल वार्डनों के साथ बैठक की गई। इसमें सभी वार्डनों को निर्देश दिए गए हैं कि हॉस्टलों के अंदर और बाहर गाड़ियां पार्क नहीं होनी चाहिए। अगर छात्र नहीं मानते हैं तो उन्हें तीन वार्निंग नोटिस जारी किए जाएंगे। अगर इसके बावजूद छात्र गाड़ी नहीं हटाते हैं तो पीयू सुरक्षा प्रमुख से शिकायत की जाएगी।
अधिकतर लड़कों के छात्रावास के पास छात्रों की गाड़ियों के लिए पर्याप्त पार्किंग जगह भी नहीं है। वहीं, लड़कियों के जिन हॉस्टल में पार्किंग की जगह है। उन छात्राओं को नियमानुसार हॉस्टल में गाड़ी को रजिस्टर करवाना होता है। पिछले कई दिनों से यूनिवर्सिटी के लड़कों के हॉस्टलों के बाहर कमर्शियल व्हीकल खड़े होते हैं। ट्राइसिटी में कैब चलाने वाले कई छात्रों के रिश्तेदार हॉस्टल में आकर रुक जाते हैं। इनकी गाड़ियां हॉस्टलों के बाहर रात को पार्क की होती हैं। लड़कों के हॉस्टल में इसी हफ्ते ऐसे ही एक कैब ड्राइवर की वार्डन ने पहचान की थी। बैठक में वर्ष 2017 के पीयू को व्हीकल फ्री बनाने के आर्डर के आधार पर फैसला लिया गया है। वार्डनों को निर्देश हैं कि पहले वे हॉस्टलों के बाहर खड़ी गाड़ियों की पहचान करेंगे।
नए दाखिला लेने वाले छात्रों को गाड़ियां लाने की नहीं होगी अनुमति
डीएसडब्ल्यू दफ्तर की ओर से जारी नोटिस के अनुसार वर्ष 2017 में डीयूआई की ओर से सभी विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी किया गया था कि पीयू परिसर को व्हीकल फ्री जोन बनाना है इसलिए नए दाखिला लेने वाले छात्रों को गाड़ियां लाने की अनुमति नहीं होगी इसलिए सभी वार्डन अपने हॉस्टलों के बाहर खड़े वाहनों का चेक करेंगे। अगर कोई शिकायत होती है तो पीयू सुरक्षा प्रमुख को रिपोर्ट दी जाएगी।
शिक्षक खुद से करें व्हीकल फ्री अभियान की शुरुआत
एसएफएस की ओर से व्हीकल फ्री जोन बनाने के लिए पिछले सालों में मुद्दा उठाया गया था लेकिन इसका मतलब छात्रों को परेशान करना नहीं था। अभी यूनिवर्सिटी छात्रों को परेशान करने वाले निर्देश दे रही है। व्हीकल फ्री अभियान की शुरुआत की पहल शिक्षक स्वयं से करें। हमारा मकसद था यूनिवर्सिटी में गाड़ियां बंद हो जिससे हर वर्ग के लोग यूनिवर्सिटी में समान रहें। - संदीप, छात्र नेता, एसएफएस
पीयू छात्रों को कर रही परेशान
एनएसयूआई पीयू प्रशासन की ओर से छात्रों को गाड़ियां नहीं लाने देने का निर्देश निराधार है। यह हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का शोषण है। पीयू प्रशासन बाहरी लोगों को अंदर गाड़ी आने पर रोक लगाए। बाहरी लोगों की पीयू में एंट्री बंद होने पर पार्किंग का मुद्दा हल हो जाएगा। - राहुल, छात्र नेता, एनएसयूआई
बाहरी लोगों के आने पर करें सख्ती
बाहरी लोगों को यूनिवर्सिटी के अंदर आने पर सख्ती कर दें। गेट पर बाहरी लोगों का लाइसेंस रख लें। इससे सुरक्षा व्यवस्था बहाल हो जाएगी। छात्रों पर सख्ती करना गलत फैसला है। कई छात्र पढ़ाई के साथ नौकरी और इंटर्नशिप करते हैं। इस कारण उन्हें गाड़ी रखनी पड़ती है। -पुनीत मसितां, छात्र नेता, इनसो