सिटी ब्यूटीफुल में बॉलीवुड की रामलीला का जलवा है, पर कैलिफोर्निया में सिटी की रामलीला का। दशहरे पर रावण के वध के बाद भी लंकापति का जलवा दुनियाभर में है।
सिटी की रामलीला की टीम अमेरिका पहुंची तो रावण के दीवाने ज्यादा ही मिले। जब तक लोग रावण के संग फोटो न करवा लेते उन्हें चैन नहीं आता था। चंडीगढ़ के थियेटर आर्ट्स ने अमेरिका के चार शहरों में मंचित रामलीला के लाइट साइट एंड साउंड शो ने सबको दीवाना बना लिया।
इसे तैयार किया थियेटर आर्ट्स के डायरेक्टर राजीव मेहता और उनकी टीम ने। टीम ने चालीस दिन के अमेरिका के दौरे के दौरान ग्यारह शो किए। यह टीम 21 नवंबर को वापस लौटी है।
शो के डिजाइनर राजीव मेहता ने कहा कि छह शो लॉस एंजिल्स में, एक नॉर्थ हॉलीवुड, दो फिज्मो, एक सैनहोजे और एक शो सैन फ्रांसिस्को के पास हैरेंडन में किया गया। सबसे ज्यादा भीड़ खींची लंकापति रावण बने अमरीक तेजा ने। लोग राम, सीता के साथ लक्ष्मण से आशीर्वाद लेने आते थे। कैलिफोर्निया में लोग रावण के साथ फोटो ज्यादा कराते थे।
कौन जानेगा रावण के नाम को
रावण के रूप में अमरीक तेजा जैसे ही जनक दरबार में प्रवेश करते हैं तो ललकारते हुए कहते हैं, ‘कर लेंगे यदि छोकरे दुनिया में हरेक काम को तो दुनिया में कौन जानेगा रावण के नाम को।’ इस डायलाग पर खूब तालियां गूंजती थीं।
दस दिन का शो, साढ़े तीन घंटे में
राजीव मेहता ने कहा कि उन्होंने दस दिन की रामलीला को छोटा करके साढ़े तीन घंटे का लाइट साइट एंड साउंड शो तैयार किया। इसमें भजन, चौपाइयां प्री रिकॉर्डिड हैं। इसके लिए कुछ सीन पहले शूट करके स्क्रीन पर लिए गए हैं। रामलीला का शो देखने के लिए कई बच्चे अपने दादा-दादी के साथ आते थे।