दरअसल, मंगलवार दोपहर को कुंभड़ा से किसी व्यक्ति ने प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया कि उनके यहां राशन नहीं है। जिसके बाद एसडीएम मोहाली जगदीप सहगल ने इस संबंध में गठित टीम को तुरंत मदद का आदेश दिया।
राशन मुहैया करवाने वाली टीम में एक्सईएन इलेक्ट्रिकल अशोक कुमार और फेज-8 थाने के एडिशनल एसएचओ अमन बैदवान वहां पहुंच गए। लेकिन जिस एरिया से कॉल आई थी, उस एरिया में टीम 18 अप्रैल को ही राशन मुहैया करवा कर आई थी। ऐसे में पुलिस अधिकारियों को शक हुआ तो पहले उक्त व्यक्ति को राशन दे दिया।
इसके बाद सिविल ड्रेस में एक व्यक्ति को भी इसी इलाके में देखरोख के लिए छोड़ दिया। जब सिविल ड्रेस में पुलिस वाले राशन लेने वाले के घर पहुंचे तो वहां पर तीन लोग और मौजूद थे। जब चेकिंग की तो उनके कमरे में खाने-पीने का सारा जरूरी राशन, 4 छोटी बोरियों में 50 किलो आटा, अंडों की ट्रे और दालें मिली।
इस पर पुलिस ने उन लोगों से पूछताछ की तो वह सही जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस टीम उन्हें गाड़ी में बैठाकर हॉकी स्टेडियम में बनी अस्थाई जेल ले गई। यहां पर उन्हें पूरा दिन बैठाकर रखा और उन्हें समझाया कि वह इस तरह की हरकतें न करें। अगर भविष्य में कोई हरकत करते हैं तो उन पर केस दर्ज किया जाएगा।
एडिशनल एसएचओ अमन बैदवान ने बताया कि चारों आरोपी काफी शातिर हैं। जब फोन आने के बाद पुलिस टीम राशन लेकर इलाके में पहुंची तो आरोपियों ने जिस जगह पहले सामान लिया था, वहां के बजाय दूसरी जगह आने को कहा। हालांकि पुलिस को शक था कि क्योंकि प्रशासन की टीमें उक्त एरिया में 14 दिन से ही काम कर रही हैं।
दो परिवारों को पहुंचाई राशन की मदद
एसएचओ ने बताया कि इसके बाद एक जरूरतमंद परिवार की तरफ से राशन के लिए फोन कॉल आई थी। टीम ने मौके पर जाकर उन्हें राशन मुहैया करवाया। इससे पहले सोमवार को पंचम सोसाइटी में भी एक जरूरतमंद परिवार को राशन दिया था। पुलिस हमेशा लोगों के साथ है।
नयागांव में आ चुका ऐसा ही केस
पुलिस ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नयागांव में भी ऐसा ही मामला आ चुका है। जब व्यक्ति के घर से काफी मात्रा में राशन और अन्य सामान बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति पर कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।