जाट नेता यशपाल मलिक पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं। शनिवार को मलिक से बातचीत कर धरने खत्म करवाने वाले परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने मलिक की गिरफ्तारी को लेकर सरकार का बचाव किया है।
मंत्री पंवार का कहना है कि किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से वह दोषी नहीं होता है। उसमें पुलिस जांच करके सबूत जुटाती है और उसके बाद ही साफ होता है कि मुकदमा बनता है या नहीं। अगर देशद्रोह के सबूत मिलते है तो उसके बाद ही मलिक की गिरफ्तारी संभव है।
पंवार रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रोहतक आये थे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक के खिलाफ दर्ज मुकदमे की पुलिस जांच कर रही है और उसके बाद ही तय होगा कि मुकदमा सही है या गलत। इस तरह मंत्री पूरी तरह से मलिक के पक्ष व सरकार पर उठ रहे सवालों को लेकर बचाव में दिखे।
उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक से काफी देर तक बातचीत हुई थी, जिसके बाद सभी जगह के धरने खत्म हो गए हैं। सरकार को 31 अगस्त तक का समय मिल गया है और जाटों की मांगों को पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है। उनके अनुसार कोर्ट में आरक्षण बहाली के लिए सरकार हर तरह से पक्ष रख रही है और जाटों को समझना चाहिए कि सरकार उनके साथ है।