केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर केंद्र और पंजाब सरकार को देश के संघीय व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, लेकिन बादल सरकार ने अमरेंदर सिंह सरकार वाली गलती को दोहरा दिया है। इस मौके पर बीरेंद्र सिंह ने महिला सशक्तिकरण के बहाने महिला पंचायत प्रतिनिधियों के पतियों को भी खरी-खरी सुनाई।
मंच पर बैठीं जिला परिषद चेयरपर्सन पदमा सिंगला के पति विनोद सिंगला की ओर इशारा करते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा यहां तो उनकी पत्नी को होना चाहिए, लेकिन ये आकर बैठ गए हैं। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए गंभीर है। आने वाले समय में महिलाओं को नौकरियों में खास महत्व दिया जाएगा। बीरेंद्र सिंह के अनुसार स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने का विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है
दो तरह के एसपी
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि दो तरह के एसपी होते हैं। एक पुलिस विभाग में हैं और दूसरे गांवों में सरपंच पति (एसपी) हैं। उन्होंने कहा कि आजकल तो मेंबर पति भी एमपी बने घूम रहे हैं।