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अनिल जोशी मामले में कांग्रेसी-भाजपाई आमने-सामने

Wed, 14 May 2014 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/अमृतसर
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पंजाब के उद्योग मंत्री अनिल जोशी के दोहरे वोट का मामला उजागर करने वाले अमृतसर के दो वकीलों विनीत महाजन एवं संदीप गोरसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने के विरोध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार को जनहित याचिका दायर की है। सुनवाई बुधवार को होगी।
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याचिका में वकीलों के खिलाफ दायर एफआईआर रद्द करने एवं इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। अनिल जोशी समेत पुलिस महानिदेशक, गृह सचिव, डीसी अमृतसर, पुलिस कमिश्नर अमृतसर एवं एसीपी अमृतसर के अलावा सिविल लाईन थाना प्रभारी को विरोधी पक्ष बनाया गया है।

एडवोकेट संदीप सांगवान द्वारा दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह मामला जोशी के प्रभाव की वजह से दर्ज हुआ है। तीन मई को अमृतसर अदालत ने जोशी के वारंट जारी किए और नौ मई को महाजन एवं गोरसी पर कातिलाना हमला हुआ और अगले ही दिन महाजन के भाई अविनाश पर भी हमला हुआ।
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याचिका में दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की गई है और साथ ही महाजन एवं गोरसी की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने का आग्रह भी किया गया है। हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की गई है।

जोशी के घर का घेराव करने जाते कांग्रेसी गिरफ्तार

कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी और वकीलों के बीच विवाद मामले में मंगलवार को कांग्रेसी सड़क पर उतर आए। जोशी के घर से थोड़ी दूर दर्जनों कांग्रेसी नेताओं और वर्करों ने धरना दिया। इसे बाद जब कांग्रेसी मार्च करते हुए जोशी के घर की ओर जा रहे थे तो पुलिस ने जोशी के घर के बाहर थोड़ी दूरी पर लगाए बैरिकेड पर उन्हें रोक दिया।

जैसे ही प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने चार दर्जन से अधिक कांग्रेसी नेताओं और वर्करों को हिरासत में ले लिया। कांग्रेसी वर्करों को गिरफ्तार करके पुलिस अमृतसर के अलग-अलग थानों में ले गई। मंगलवार को कांग्रेसियों की तरफ से जहां जोशी के खिलाफ हत्या प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग को लेकर उनकी कोठी से थोड़ी दूरी पर धरना दिया गया वहीं भाजपाई जोशी की हिमायत में उनकी कोठी के बाहर धरने पर बैठे।

पुलिस की तरफ से हिरासत में लिए गए नेताओं में सीनियर कांग्रेसी नेता डॉ. राजकुमार वेरका, वरिष्ठ उपप्रधान ओम प्रकाश सोनी, सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया, सुखजिन्दर राज सिंह लाली मजीठिया, हरप्रताप सिंह अजनाला, जिला देहाती प्रधान गुरजीत सिंह औजला, पूर्व विधायक हरजिन्दर सिंह ठेकेदार, जिला शहरी अध्यक्ष राजीव भक्त, पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा समेत करीब सौ लोग शामिल थे।

अनिल जोशी को मिली जमानत

कानूनी मुश्किलों में फंसे कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी को मंगलवार देर शाम राहत मिल गई। अमृतसर के जिला और सत्र न्यायधीश गुरबीर सिंह की अदालत ने अनिल जोशी की अग्रिम जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।

अदालत ने जोशी के खिलाफ तीन केसों में जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए आदेश दिए हैं कि हर केस में जोशी 50-50 हजार रुपये की सिंगल ‌सेक्योरिटी के नए बांड भरें और 20 मई या इससे पहले ट्रायल कोर्ट में पेश होकर जमानत करवाए।

मंगलवार बाद दोपहर जोशी के वकील अमनदीप सिंह समेत पांच वकील जिला और सत्र न्यायधीश के समक्ष पेश हुए और अपना पक्ष रखते हुए जोशी की जमानत अर्जी स्वीकार करने की अपील की जबकि विनीत महाजन की पत्नी रेनू महाजन भी विनीत महाजन और संदीप गौरसी की ओर से पेश हुई और जोशी की जमानत अर्जी को रद्द करने के लिए पक्ष रखा। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अनिल जोशी की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।

सड़क पर आई दोहरी वोट की जंग

अनिल जोशी और वकीलों के बीच दोहरी वोट बनाने के मामले से शुरू हुई जंग अब सड़कों पर आ गई है। मंगलवार सुबह मंत्री अनिल जोशी के मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपाई आमने-सामने हो गए।

जोशी की ओर से अमृतसर के एक वकील और उसके भाई पर कथित तौर पर करवाया हमला और दूसरे वकील के खिलाफ हत्या प्रयास का मामला दर्ज करवाने का विवाद राजनीतिक व कानूनी रूप में पेचीदा हो गया।

जोशी के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहे वकीलों संदीप गोरसी और विनीत महाजन में से महाजन और उसके भाई पर बीते दिन हुए कातिलाना हमले के बाद यह मामला गरमा गया है।

मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेसी वर्कर और सीनियर नेता जोशी की कोठी के बाहर धरना देने गए तो पुलिस की तरफ से उन को थोड़ी दूरी पर ट्रीलियम माल के बाहर ही रोक लिया गया। कांग्रेसी वर्करों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।

कांग्रेसी बोले, अमृतसर में हो रही गुंडागर्दी

दोनों तरफ से तनावपूर्ण स्थिति पर काबू पाने के लिए जगह-जगह बैरिकेट लगाए हुए थे। बहुत से कांग्रेसी वर्करों को बाईपास और शहर के बाहर से ही रोक लिया गया। करीब एक घंट से भी ज्यादा धरना देने के बाद जब कांग्रेसी जोशी के घर की ओर आए तो पुलिस ने उनको आगे नहीं जाने दिया।

दर्जनों कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और पहले से वहां खड़ी की गई बसों में बैठाकर अलग-अलग थानों में भेज दिया। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अमृतसर में इस समय पर सरकारी गुंडागर्दी हो रही है। शहर और पंजाब के लोग 1984 से बाद एक अलग किस्म का अकाली भाजपा का राजनीतिक आतंकवाद भोग रहे हैं।

कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि जोशी की तरफ से पुलिस की मौजूदगी में सरेआम लोगों को संबोधन किया गया है लेकिन पुलिस मूकदर्शक बन कर देखती रही। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि वकील विनीत महाजन और संदीप गोरसी के मामले में यदि पुलिस की तरफ से अनिल जोशी के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो वह जोशी के खिलाफ संघर्ष और तेज करेंगे। उनकी मांग है कि जोशी के खिलाफ हत्या प्रयास का मामला दर्ज हो और जोशी को तुरंत मंत्री पद से हटाया जाए।

छावनी में बदला दो किलोमीटर का एरिया

ट्रीलियम मॉल से थोड़ी दूरी पर ही जोशी की कोठी के आगे पुलिस ने डेरा लगा रखा था। जोशी की कोठी की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर दो-दो किलोमीटर तक भारी पुलिस बल तैनात था।

पांच जिलों की पंजाब पुलिस के साथ-साथ बड़ी संख्या में पैरा मिलिट्री फोर्स और बड़ी गिनती में महिला पुलिस भी तैनात की हुई थी। जोशी की कोठी के आसपास दो किलोमीटर तक कर्फ्यू तक लगा दिया गया था।

आम लोगों को भी पुलिस घरों से बाहर नहीं निकलने दे रही थी। यहां तक बच्चों की स्कूल वैनों को भी क्षेत्र में जाने नहीं दिया।

केस नहीं सिर्फ शिकायत है

जोशी ने कहा कि विनीत महाजन और संदीप गोरसी अदालत के  फैसले से पहले ही प्रेस कांफ्रेंस करके मुझे और मेरे परिवार को बदनाम करने में लगे हैं। अदालत में उनके खिलाफ कोई भी केस नहीं है, सिर्फ शिकायत है। वह अपने बचाव के लिए ही सिर्फ अग्रिम जमानत की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वह आज के इस धरने को संबोधित कर सकते हैं और अदालत की तरफ से उनके खिलाफ जारी वारंट उन्हें अभी नहीं मिले हैं। मंगलवार को भाजपाइयों की तरफ से दिए जा रहे धरने पर जोशी ने कहा कि यह उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग हैं जो उन्हें प्यार करते हैं और सिर्फ उनके समर्थन में इकट्ठे हुए हैं। इनकी तरफ से कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया जाएगा।

साजिश के पीछे करमजीत रिंटू का हाथ
जोशी ने कहा कि वह विनीत महाजन पर हुए हमलों की निंदा करते हैं। इस साजिश के पीछे उनके विरोधी करमजीत सिंह रिंटू का हाथ है। उन्होंने इस मौके पर बार काउंसिल से भी अपील की कि मसले को निजी तौर पर न लिया जाए। आम आदमी को भी इंसाफ के लिए अदालत में जाना पड़ता है। उन्होंने बार काउंसिल और एसोसिएशन के सदस्यों को भी अपील की कि वह हड़ताल न करें।

मेरी बहन जैसी हैं रेनू, मुझसे आकर बात करें

भाजपा की संसदीय सचिव नवजोत कौर सिद्धू और प्रो. लक्ष्मीकांता चावला की तरफ से एडवोकेट विनीत महाजन का अस्पताल में पता लेने जाने के सवाल पर जोशी ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबंदी नहीं है। यदि वह पता लेने गए हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है।

उन्होंने कहा कि पता लेने तो मैं भी जाना चाहता हूं, लेकिन मेरे लिए कई मुश्किल हैं। उन्होंने कहा कि जख्मी वकील महाजन की पत्नी रेनू महाजन की तरफ से जानबूझ कर उनके खिलाफ बुरी शब्दावली इस्तेमाल की जा रही है जबकि वह उनकी बहन जैसी है।

उन्होंने कहा कि रेनू महाजन मुझसे सीधी बात कर सकती हैं। वह खुद भी दोषियों को सजा दिलाने में उनकी पूरी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों वकीलों की तरफ से उनके विरुद्ध केस किया गया है वह सिर्फ राजनीति से प्रेरित है। उन्हें सिर्फ बदनाम किया जा रहा है।
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गिरफ्तारी के वारंट नहीं : एडीसीपी

धरने के दौरान निगरानी कर रहे एडीसीपी एचएस बराड़ को जब जोशी को अदालत की ओर से जारी किए गए गैर जमानती वारंट होने के बावजूद जोशी के स्टेज पर बोलने और उनको पुलिस की ओर से गिरफ्तार न किए जाने का कारण पूछा तो बराड़ ने कहा कि उनके पास अभी तक जोशी की गिरफ्तारी के अदालती वारंट नहीं पहुंचे हैं।

जब उनको पूछा गया कि यह वारंट उनके थाना सिविल लाइन में पहुंच गए है तो बराड़ का जवाब था कि मैं किसी थाना का प्रभारी नहीं हूं। मेरे पास अभी वारंट नहीं पहुंचे है। 
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