चुनाव आयोग ने गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले चार विधानसभा क्षेत्र के आठ मतदान केंद्रों पर 15 मई को दोबारा मतदान करवाने के आदेश दिए हैं।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि सभी आठ मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान करवाया जाएगा। हरियाणा की सभी दस लोकसभा सीटों पर 10 अप्रैल को मतदान हुआ था।
वाल्गद ने बताया कि इन मतदान केंद्रों में नूहं और फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्रों में तीन-तीन मतदान केंद्र तथा सोहना तथा पुन्हाना विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक मतदान केंद्र आते हैं।
इन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान
जिन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान होगा, उनमें सोहना विधानसभा क्षेत्र का मतदान केंद्र 126-गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, नूंह विधानसभा क्षेत्र का मतदान केंद्र 44-गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, 46-गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, टपकन और 103-गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल, माजरा भंडगका, फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र में 34-गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, बनारसी, 101-गवर्नमेंट हाई स्कूल, नीमखेड़ा और 166-गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, शाहपुर तथा पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र में गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, ठेक शामिल हैं।
मतगणना भी 16 मई को ही
गुड़गांव में जिन आठ मतदान केंद्रों पर 15 को मतदान होगा, उनकी मतगणना भी 16 मई को ही होगी। निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान करवाने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा राज्य की पुलिस को भी तैनात किया जाएगा। इन आठ मतदान केंद्रों में पड़ने वाले क्षेत्र में शराब की बिक्री पर पाबंदी होगी। सभी मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता पर्ची वितरित की जाएगी।
आप ने की थी 110 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा वोटिंग की मांग
आम आदमी पार्टी ने गुड़गांव में वोटिंग के दौरान धांधली का आरोप लगाते हुए सोमवार को चुनाव आयोग को दोबारा चिट्ठी भेजी। ‘आप’ ने आयोग पर आरोप लगाया कि उसकी वाजिब शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही।
पार्टी के मुताबिक गुड़गांव में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत आयोग से की गई थी। लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा पार्टी को दोबारा शिकायती पत्र आयोग को भेजना पड़ा है।
पार्टी का कहना है कि ‘आप’ प्रत्याशी योगेंद्र यादव ने वोटिंग खत्म होने के बाद 11 अप्रैल को रिटर्निंग अधिकारी और आयोग को शिकायत की थी। पार्टी ने 110 पोलिंग स्टेशन पर गड़बड़ी से जुड़ी ऑडियो व वीडियो क्लिप भी भेजी थी। इसके अलावा राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर इसकी शिकायत की थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण ने निजी तौर पर चुनाव आयोग से दो बार मुलाकात की और इस मसले का उठाया। साथ ही पार्टी ने बूथ के हिसाब से वोटिंग का डाटा भी आयोग को दिया था, जहां 90-95 फीसदी तक वोट पड़े थे। पार्टी का आरोप था कि इतने प्रमाणों के बावजूद आयोग उनकी शिकायतों की अनदेखी कर रहा है।