हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मंत्रिमण्डल की बैठक में राज्य में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को और अधिक सुचारू ढंग से विकसित करने के उद्देश्य से हरियाणा एयरपोर्ट विकास लिमिटेड नाम से सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी बनाने को स्वीकृति प्रदान की गई।
राज्य सरकार ने कंपनी के गठन और संचालन की खातिर प्रारंभिक तौर पर आठ करोड़ रुपये के पूंजीगत भुगतान को मंजूरी दी है। कंपनी का प्राधिकृत हिस्सा पूंजी 100 करोड़ रुपये होगी और शुरुआती पांच वर्षों की अवधि के लिए आठ करोड़ रुपये की आवर्ती सहायता अनुदान राशि दी जएगी।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला होंगे चेयरमैन
कंपनी के चेयरमैन सहित छह निदेशक और प्रबंध निदेशक होंगे। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला नागरिक उड्डयन विभाग के प्रभारी मंत्री होने के नाते कंपनी के चेयरमैन होंगे जबकि नागरिक उड्डयन और लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव अंकुर गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, वित्त विभाग की विशेष सचिव मंदीप कौर और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव आमना तसनीम कंपनी के निदेशक व नागरिक उड्डयन विभाग के सलाहकार केएम पांडुरंग प्रबंध निदेशक होंगे।
इन राज्यों में भी हो चुका है कंपनियों का गठन
उल्लेखनीय है कि केरल में इसी तरह की कंपनी कोच्चि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड का गठन वर्ष 1994 में, महाराष्ट्र एयरपोर्ट विकास कंपनी लिमिटेड वर्ष 2002 में, गुजरात में गुजरात राज्य उड्डयन ढांचागत कंपनी लिमिटेड वर्ष 2010 में, आंध्र प्रदेश में आंध्र प्रदेश एयरपोर्ट विकास कंपनी लिमिटेड का 2015 में और उत्तर प्रदेश में नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड का गठन 2018 में किया जा चुका है। इन राज्यों की कंपनियां अपने-अपने राज्यों में सफलतापूर्वक हवाई अड्डों व हवाई पट्टियों का निर्माण करवा रही हैं।
हरियाणा सरकार ने भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ सात जुलाई 2017 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। इसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार अमृतसर-कोलकत्ता औद्यागिक कोरिडोर योजना के अंतर्गत महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट (हिसार) के पास समेकित विनिर्माण क्लस्टर विकसित करने के प्रस्ताव पर भी कार्य कर रही है।