प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम योजना) के तहत 75 प्रतिशत सब्सिडी पर ट्यूबवेल के लिए सोलर कनेक्शन लेकर बाद में लोकेशन बदल दी। हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) के निशाने पर 1600 से अधिक किसान हैं। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि 105 किसानों ने अपने सोलर प्लांट हरियाणा से राजस्थान में शिफ्ट किए हैं।
1613 ट्यूबवेल 120 दिन से निष्क्रिय हैं। हरेडा ने इन सभी भौतिक जांच का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी अतिरिक्त जिला उपायुक्तों को पत्र लिख दिया गया है। गड़बड़ी करने वालों से सब्सिडी वापस ली जाएगी। कानूनी कार्रवाई भी होगी। योजना के तहत दो साल में हरियाणा में ट्यूबवेल के लिए 39 हजार से अधिक सोलर कनेक्शन दिए गए हैं।
सोलर प्लांट लगवाने के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। 25 प्रतिशत राशि किसान से ली जाती है। एक प्लांट की कीमत 4.50 लाख है। सब्सिडी के बाद किसान को 1.13 लाख रुपये ही जमा कराने होते हैं। हरेडा के अधिकारियों का कहना है कि आवेदन के समय किसान शपथ पत्र देता है कि वह प्लांट को न तो बेचेगा और न ही इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट करेगा।
फुलप्रूफ है प्लान, हर 15 मिनट में आती है रिपोर्ट
हरेडा ने सोलर कनेक्शन लेने से लेकर संचालन और निगरानी के लिए फुलफ्रूफ प्लान बनाया हुआ है। पोर्टल बनाया गया है। हर प्लांट में चिप लगाई जाती है। आवेदन से लेकर प्लांट लग जाने तक जीपीएस के माध्यम से फोटो इमेज भी पोर्टल पर अपलोड की जाती है। कोई प्लांट को जरा सा भी इधर-उधर करता है तो 15 मिनट में रिपोर्ट पोर्टल पर आ जाती है। किसान ने ट्यूबवेल से कितना पानी निकाला और कब-कब ट्यूबवेल चला, इसकी भी पूरी रिपोर्ट पोर्टल के जरिये मुख्यालय तक पहुंच जाती है।