सी ग्रेड की नौकरी नहीं चाहिए, केद्र में अच्छे पद पर काम कर रही हूं तो छोटे पद पर क्यों ज्वॉइन करुं। यह तो सरासर भेदभाव किया जा रहा है। यह कहना है भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा रही पूनम मलिक का, जो ओलंपिक में भी खेल चुकी हैं। मामला ये है कि चुनावी साल में सरकार भले ही खिलाड़ियों को जूनियर कोच बनाकर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन सरकार पर आरोप लगने शुरू हो गए हैं और खिलाड़ियों ने नाराजगी भी जताई है।
सरकार ने ओलंपिक तक खेल चुकी पूनम मलिक को जूनियर कोच बनाकर सी ग्रेड की नौकरी थमा दी तो उसने नाराजगी जताते हुए ज्वॉइन करने से साफ इंकार कर दिया। उसके अलावा कई अन्य ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस समय केंद्र में नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में उनका जूनियर कोच के पद पर प्रदेश में ज्वॉइन करना मुश्किल है। क्योंकि उनको केंद्र में बेहतर ग्रेड पे मिलने के साथ ही खेल का अच्छा माहौल भी मिल रहा है।
मैंने नौकरी के लिए दो साल पहले आवेदन करते हुए एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडल व ओलंपिक में खेलने के प्रमाण पत्र लगाए थे। लेकिन उसके बाद भी मुझे सी ग्रेड की नौकरी दी गई है। ऐसा करके सरकार भेदभाव कर रही है जो ओलंपिक तक खेलने वालों को भी सी ग्रेड की नौकरी देकर दिखावा करना चाहती है। जबकि इस समय में आयकर विभाग में इंस्पेक्टर हूं जो इस नौकरी से काफी बेहतर है। मैंने साफ मना कर दिया है कि जूनियर कोच की नौकरी नहीं चाहिए।
- पूनम मलिक, हॉकी खिलाड़ी
14 जूनियर कोच की तैनाती के आदेश जारी किए
बता दें कि खेल विभाग में पिछले कई साल से लंबित पड़े नौकरी के आवेदनों पर सरकार ने चुनावी साल में संज्ञान लेते हुए 14 जूनियर कोच के तैनाती आदेश जारी कर दिए। लेकिन इसमें भी सरकार ने खेल खेल दिया और ओलंपिक तक खेलने वाले खिलाड़ी पूनम मलिक को सी ग्रेड की नौकरी का लेटर थमा दिया।
पूनम मलिक ओलंपिक में खेलने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की हिस्सा रही थी। वह इस समय आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। वहां पूनम का 4600 रुपये ग्रेड पे है, जबकि सरकार ने जूनियर कोच का ग्रेड पे 3600 रुपये रखा है। इस पर पूनम ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाए हैं कि उसने एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने से लेकर ओलंपिक में खेलने तक के प्रमाण पत्र लगाए थे। लेकिन उसे सी ग्रेड की नौकरी दी गई है, जबकि खेल नीति के आधार पर उसे बी ग्रेड की नौकरी मिलनी चाहिए थी।
इनके अलावा कई अन्य खिलाड़ी इस समय नौकरी कर रहे हैं, जिनमें पहलवान किरण गोदारा रेलवे में एसटीसी के पद पर नौकरी कर रही हैं। वह भी जूनियर कोच के लिए केंद्र की नौकरी छोड़ने को तैयार नहीं है। बॉक्सर सोनिया लाठर भी रेलवे में नौकरी कर रही हैं, तो राजेश सेना में कार्यरत है। इनके अलावा संग्राम दहिया इस समय हरियाणा पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत हैं। इनका भी जूनियर कोच के लिए नौकरी छोड़ने पर संशय है।