फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा की 5 बड़ी घटनाएं, जिन्होंने देश को हिलाया

Tue, 30 Dec 2014 04:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला 25 अगस्त 2014 का है। रोहतक में जींद की दो छात्राओं निकिता और मधु ने छेड़छाड़ से तंग आकर जहर खाकर जान दे दी थी। छात्राओं ने मरने से पहले काफी लंबा सुसाइड नोट छोड़ा था और उसमें परिवार को सॉरी बोला था।
विज्ञापन


उन्होंने पुलिस से प्रार्थना की थी कि वे मनचलों पर लगाम लगाएं नहीं तो और भी लड़कियां सुसाइड करेंगी। उन्होंने सुसाइड नोट में लोकेश नाम के युवक व काले रंग की बाइक सवार युवकों का आरोप लगाया था।

इसके बाद स्कूल, कॉलेज के बाहर सुरक्षा कड़ी करने के लंबे-चौड़े वादे किए गए, लेकिन कुछ दिन बाद ही व्यवस्था फिर से उसी पुराने ढर्रे पर आ गई।

तेजाबः सबको मिलकर लड़नी होगी जंग

रोहतक 26 मई 2012 को शहर की वॉलीबाल खिलाड़ी और छात्रा रितू सैनी स्टेडियम से प्रेक्टिस कर घर लौट रही थी। जब वह प्रेम नगर चौक पर पहुंची तो दो बाइक सवार युवकों ने उस पर तेजाब फेंक दिया, इससे वह बुरी तरह झुलस गई। हमले में रितू का 90 प्रतिशत चेहरा झुलस गया था और दाईं आंख की रोशनी भी चली गई थी।

खुलासा हुआ कि रितू पर एसिड अटैक उसी के रिश्तेदार रामनिवास ने कराया था। रामनिवास रितू की बुआ का लड़का है और हमला जमीनी विवाद को लेकर किया गया था।

26 दिसंबर को मामले में रोहतक कोर्ट ने 8 में से 5 आरोपियों को दोषी करार दिया है। भले ही कोर्ट से इस मामले में थोड़ी सी उम्मीद जगी है लेकिन अभी तेजाब के खिलाफ लड़ाई बाकी है। इसके खिलाफ जंग अभी लंबी चलेगी। यह लड़ाई केवल हमारी बेटियों की ही नहीं है, इसे सबको मिलकर लड़ना होगा।

इस समय पूरे प्रदेश में नौ बेटियां ऐसी हैं जो तेजाब का दंश झेल रही हैं। आगे फिर किसी बेटी को यह दुख न झेलना पड़े इसके लिए इन बेटियों के साथ मिलकर, इनकी मांगों का समर्थन करके, इनकी बातों को सुनकर एक निर्णय पर पहुंचना होगा। यह तभी संभव है जब हम बेटियों की इस पीड़ा को समझेंगे, आत्मसात करेंगे। उनके दर्द को अपना दर्द समझेंगे। सिरफिरे कहीं भी हो सकते हैं। इन सिरफिरों को सबक सिखाने के लिए और कड़े कानून बनाने की जरूरत है।

पीएनबी सुरंग कांड: लुट गई जिंदगी भर की पूंजी

गोहाना (सोनीपत) पुराने बस स्टैंड के पास स्थित पीएनबी की मुख्य शाखा 27 अक्तूबर 2014 को सुबह खुली तो बैंक अधिकारी दंग रह गए। बैंक के स्ट्रांग रूम में 77 लॉकर टूटे हुए थे और इनमें रखे करोड़ों रुपये के सोने चांदी के आभूषण गायब थे। जांच शुरू हुई तो पता चला कि बैंक के साथ लगी गली के दूसरी तरफ जर्जर हाल में पड़े मकान से बैंक के स्ट्रांग रूम तक 84 फीट लंबी सुरंग खोदकर वारदात को अंजाम दिया गया है।

इसे देश की सबसे बड़ी बैंक चोरी बताया गया। लोगों ने कई दिन तक बैंक के बाहर ही धरना लगाए रखा। पुलिस ने 72 घंटे के अंदर 30 अक्तूबर को बैंक सुरंग कांड का भंडाफोड़ कर दिया। इसमें उस जर्जर मकान मालिक महिपाल भनवाला को ही मास्टर माइंड बताया गया। महिपाल ने इसी के साथ 30 अक्तूबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। खुलासा हुआ कि सुरंग को खोदने का काम 45 दिन से चल रहा था।

30 अक्तूबर को सुरेंद्र उर्फ काला, बलराज उर्फ बल्लू को गांव लाठ से काबू किया गया। सुरंग खोदने में माहिर सतीश निवासी कटवाल को भी पुलिस ने गांव से काबू किया। इनसे पूछताछ के बाद कटवाल गांव के ईंट भट्ठे से 38 किलो 910 ग्राम सोने चांदी के जेवर बरामद किए। बाद में पुलिस ने कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।

पुलिस बैंक सुरंग कांड में अब तक 4 लाख 43 हजार 500 रुपए नकद व 49 किलो 542 ग्राम 10 मिलीग्राम सोने-चांदी के गहने बरामद कर चुकी है। लॉकर धारकों को किस हिसाब से गहनों की सुपुदर्गी हो, इसका कोई हल नहीं निकल पाया है। गहने फिलहाल बैंक की कस्टडी में हैं और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

बस में छेड़छाड़ और युवकों की पिटाई का वीडियो

रोहतक में एक बस में 28 नवंबर को दो बहनों के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला देश भर की मीडिया की सुर्खियां बना रहा। सोनीपत की पूजा और आरती ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए बस में सवार रोहतक के तीन युवकों की बैल्ट से पिटाई की और उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया।

इसके बाद प्रदेश में बसों की छात्राओं की सुरक्षा पर नई बहस छिड़ गई। प्रशासन ने बसों में सिक्योरिटी और सीसीटीवी कैमरे लगवाने के दावे किए। वहीं, आरोपी युवकों के परिजनों ने बहनों के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि मामला सीट विवाद का था, जिसे छेड़छाड़ का रंग दिया गया।

हरियाणा सरकार ने भी आनन फानन में दोनों बहनों के लिए की गई ईनाम की घो‌षणा वापस ले ली। इस मामले में एसआईटी का गठन हुआ और दोनों पक्षों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया गया। मामला अभी भी सुलझा नहीं है।
विज्ञापन

एटीएम पर चोरों का हमला, कहीं लूटे, कहीं उखाड़ ले गए

रोहतक में इस वर्ष एटीएम चोरों के निशाने पर रहे। चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए इस तरह दनादन एटीएम उखाड़े मानो उनको लिए यह एक खेल हो। अब चोर एटीएम तोड़ या काट नहीं रहे हैं, बल्कि गाड़ी से बांधकर सीधे ही उखाड़ रहे हैं। केवल चार नट बोल्ट के सहारे लाखों रुपये से भरी मशीनों को बिना किसी सुरक्षा के खुला रखा हुआ है।

प्रदेश में इस वर्ष 30 से ज्यादा एटीएम उखाड़कर ले जाने की वारदात हुई। वहीं, 100 से ज्यादा बार एटीएम काटने या तोड़ने का प्रयास किया गया। 30 वारदात में लगभग पांच करोड़ रुपये का चोरों ने फटका लगाया है। इसके बावजूद सभी एक-दूसरे पर ही जिम्मेदारी थोप रहे हैं।

बैंक, पुलिस और सुरक्षा एजेंसी कोई अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है और चोर लगातार एटीएम को निशाना बना रहे हैं। एटीएम उखाड़कर ले जाने की सबसे ज्यादा वारदात सिरसा, हिसार, नारनौल और रोहतक में हुई। खास बात यह देखी गई कि चोर सीमावर्ती इलाकों को ज्यादा निशाना बना रहे हैं।

एटीएम गाड़ी में डालकर ले जाने के बाद चोर सुनसान इलाके में इसे ले जाकर आराम से तोड़ते हैं और खाली करने के बाद इसे कुएं या नहर में फेंक देते हैं। वारदात कर दूसरे राज्य में भाग जाने की वजह से भी ये चोर पकड़ में नहीं आ रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें