सुखविंदर सिंह काका कंबोज भी आंवला का विरोध करेंगे, क्योंकि टिकट लेने की सूची में काका भी थे। बताया जा रहा है कि जलालाबाद में काका की कंबोज और राय सिख बिरादरी में खासी पकड़ है और युवाओं में भी अच्छी छवि है, ऐसे नेताओं को नजरअंदाज किया गया। इसलिए काका भी आंवला का साथ नहीं देंगे।
मलकीत सिंह हीरा और मोहन सिंह फलियांवाला खेलमंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी गुट के बताए जा रहे हैं, जबकि सोढ़ी और आंवला की 'कट्टर दुश्मनी' है, ऐसे में सोढ़ी गुट के दोनों नेता चुनाव में आंवला का साथ नहीं देंगे। जलालाबाद में कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने रमिंदर आंवला का विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेसियों की गुटबाजी अकालियों की राह आसान कर रही है।
जानकारों का कहना है कि जलालाबाद का उपचुनाव हंसराज जोसन को लड़ना चाहिए था। लोगों को जोसन को टिकट मिलने की उम्मीद थी लेकिन जोसन और प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की आपस में बनती नहीं है, इसलिए जोसन का पता काटा गया है। जोसन जलालाबाद से वर्ष 2002 में विधानसभा चुनाव जीते थे और जंगलात मंत्री बनाया गया था।
चुनाव आयोग को चाहिए कि पंजाब उपचुनाव केंद्रीय रिजर्व फोर्स को तैनात कर करवाए। वहीं आब्जर्वर की नियुक्ति भी बाहरी राज्यों से होनी चाहिए और वीडियोग्राफी भी होनी चाहिए। यह विचार शिअद नेता डॉ. दलजीत चीमा ने व्यक्त किए। वह मंगलवार को हलका दाखा से शिअद प्रत्याशी मनप्रीत अयाली के यहां बैठक करने पहुंचे थे।
पिछले कुछ दिनों से गायक गुरदास मान को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि पहले दिन उन्होंने स्टेज पर जो किया, उससे पंजाबियों में निराशा जरूर हुई, वही दूसरे दिन उन्होंने स्टेज पर जो शब्द बोले उन्हें नहीं बोलने चाहिए थे। वह एक अच्छे व्यक्तित्व के मालिक है, पंजाबी की उन्होंने सबसे ज्यादा सेवा की है। इसलिए उन्हें माफी मांग लेनी चाहिए।
उपचुनाव को लेकर चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं, अब जनता का हिसाब मांगने का समय आ चुका है। दाखा में कैप्टन अमरिंदर सिंह से सबसे करीबी कैप्टन संदीप संधू चुनाव मैदान में है, ऐसे में लोग उनसे साफ पूछेंगे कि आखिरकार कैप्टन साहब के साथ बैठकर उन्होंने लोगों के लिए क्या किया। यह जवाब सरकार को देने पड़ेंगे।
जलालाबाद से उपचुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस की टिकट के दावेदार कांग्रेसी नेता मलकीत सिंह हीरा ने सोशल मीडिया में लिखकर आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 25 करोड़ रुपये में रमिंदर आंवला को जलालाबाद से उपचुनाव लड़ने की टिकट बेची है। सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी गतिविधियां के आरोप में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जनरल सचिव संदीप सिंह संधू ने मलकीत सिंह हीरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में हीरा से सात दिन में जवाब मांगा है, जवाब नहीं देने पर पार्टी से बर्खास्त किया जाएगा।
सियासी जानकारों का कहना है कि मलकीत की ओर से सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी गतिविधियां की जा रही थी, जिससे कांग्रेस की छवि खराब हो रही थी। जलालाबाद से विधानसभा चुनाव 2012 में मलकीत सिंह हीरा ने कांग्रेस टिकट पर अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
वहीं पूर्व जंगलात मंत्री हंस राज जोसन कांग्रेस से टिकट न मिलने पर आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे। दूसरे स्थान पर जोसन थे और तीसरे स्थान पर हीरा थे। बादल चुनाव जीत गए थे। अब फिर से हीरा कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन टिकट रमिंदर आंवला को दे दिया गया। इसी कारण उन्होंने सोशल मीडिया में लिखकर डाल दिया कि जाखड़ ने 25 करोड़ में आंवला को टिकट बेच दिया है।