हरियाणा सरकार ने इस साल 20 फीसदी और अगले साल से प्रतिवर्ष 10 फीसदी ईडीसी चार्ज बढ़ाने का फैसला लिया
चंडीगढ़। प्रदेश के शहरों में अब ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के फ्लैट और प्लॉट के साथ किफायती मकान भी महंगे हो जाएंगे। दरअसल, राज्य सरकार ने बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) में 20 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। हरियाणा सरकार ने यह रेट नौ साल बाद बढ़ाए हैं। इससे पहले इसमें संशोधन 2015 में हुआ था। वहीं, अगले साल से ईडीसी में प्रतिवर्ष दस फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ऐसे में अब प्रदेशभर में मकानों और प्लॉटों के मूल्य में बढ़ोतरी होना तय है।
हरियाणा प्रॉपर्टी कंसलटेंसी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया, ईडीसी बढ़ने से मकान और फ्लैट खरीदारों की जेब पर बोझ बढ़ना तय है। पहले सरकार ने कलेक्टर रेट बढ़ाए और अब ईडीसी में बढ़ोतरी कर दी। इससे मकान पहले की अपेक्षा थोड़े महंगे हो जाएंगे। वहीं, किफायती मकानों के रेटों में भी बढ़ोतरी होगी। मगर इससे प्रॉपर्टी बाजार पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा, जिसने मकान या फ्लैट लेने का मन बनाया है, वह लेकर रहेगा। हालांकि, अब पहले की अपेक्षा उसे ज्यादा पैसे देने होंगे। वहीं, फरीदाबाद के रियल एस्टेट एजेंट अश्विनी तनेजा ने बताया, सरकार के कदम से प्रॉपर्टी के रेट बढ़ सकते हैं, मगर प्रॉपर्टी के कारोबार पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। हर साल कलेक्टर रेट बढ़ते हैं और उसी के अनुपात में मकान और फ्लैट बिकते हैं। ईडीसी वह शुल्क है जो सरकार या विकास प्राधिकरण की ओर से किसी परियोजना की सीमाओं के बाहर बाहरी बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं देने के लिए वसूलती है।
पंचकूला की दरें अलग, किसी भी जोन में नहीं किया शामिल
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के मुताबिक ईडीसी के लिए पूरे हरियाणा को छह जोन में बांटा गया है। वहीं, पंचकूला में अलग से दरें निर्धारित की गई हैं। ईडीसी की गणना क्षेत्र के आवासीय और वाणिज्यिक संभावनाओं के आधार पर तय की जाती हैं। गुरुग्राम को हाइपर पोटेंशियल जोन में शामिल किया गया है। वहीं, हाई पोटेंशियल जोन-1 में फरीदाबाद, सोहना और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र और सोनीपत-कुंडली और पानीपत को हाई पोटेंशियल जोन-2 में रखा गया है। उधर, पंचकूला की दरें अलग से निर्धारित की गई हैं। इस शहर को किसी भी जोन में शामिल नहीं किया गया है।