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GST के लिए तैयार हैं यहां के व्यापारी, बस एक बात नहीं मानेंगे

Tue, 09 Aug 2016 05:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
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gst
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लागू होने वाले जीएसटी का शहर के व्यापारी स्वागत करते हैं लेकिन व्यापारियों का कहना है कि इससे टैक्स भुगतान करने की प्रक्रिया लंबी हो जाएगी क्योंकि शहर के कई व्यापारी और उद्योगपति ऐसे है जो कंप्यूटर चलाने के आदी नहीं है। इसके साथ ही व्यापारियों का कहना है कि आनलाइन बिल को डाउनलोड करने और जीएसटी का भुगतान करने के लिए इतना इफ्रस्ट्रचर मजबूत नहीं है।
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उद्योगपतियों का कहना है कि जीएसटी के जो नियम एवं प्रक्रिया सरकार ने अंतिम रूप देना है वह आसान होने चाहिए। इसके साथ ही कुछ व्यापारियों और उद्योगपतियों का यह भी मानना है कि इससे कुछ ऐसी चीजें भी महंगी हो जाएगी जिन पर अब तक कोई टैक्स नहीं लग रहा था लेकिन अब उन पर भी जीएसटी लगेगा। जीएसटी के लागू होने से सबसे ज्यादा दिक्कत उन व्यापारियों को भी है जो कच्चे पर ही काम करते हैं।

लेकिन इसका फायदा यह है कि अब हर राज्य में एक बराबार ही टैक्स लगेगा जबकि इस समय चंडीगढ़ में ऐसा है कि कई चींजों पर पंजाब व हरियाणा में टैक्स फ्री है लेकिन शहर में इन पर लग रहा है। हाल ही में राज्यसभा से पास हुए जीएसटी के बिल पर शहर के व्यापारियों और उद्योगपतियों से जब उनकी राय पूछी तो उन्होंने यू रखी अपनी बात
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व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि जीएसटी का फायदा होगा कि पूरे देश में एक बराबर टैक्स लागू होंगे। उनका कहना है कि अभी सरकार ने जीएसटी के नियम तय करने है वह लोगों की पहुंच में होने चाहिए। उनका कहना है कि जीएसटी का रेट भी जायज होने चाहिए। उनका कहना है कि जीएसटी से व्यापारी के लिए लिखने पढ़ने का काम काफी बढ़ जाएगा यह परेशानी जरूर व्यापारी और उद्योगपति के लिए बढ़ जाएगी।

 
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साल 2014-15 में इकट्ठा हुआ 1600 करोड़

जीएसटी
उद्योगपति चंद्र वर्मा का कहना है कि जीएसटी से एक बार बाजार में एक बड़ा बदलाव आने जा रहा है। उनका कहना है कि इससे कारोबार में भी उतार चढ़ाव आ सकता है क्योंकि कई नई चीजों पर टैक्स लग जाएगा जो कि अभी टैक्स फ्री है। उनका कहना है कि जो पूरा काम टैक्स का भुगतान करके करते है उनके लिए कोई मुश्किल नहीं है लेकिन कच्चे दस्तावेजों में रिकार्ड रखकर काम करने वालों के लिए जरूर मुश्किल बढ़ जाएगी। उनका कहना है कि आनलाइन बिल निकालने के लिए सरकार को व्यापारियों को पहले प्रशिक्षण देना चाहिए इसके साथ ही व्यापारी को हर समय इंटरनेट ज्यादा स्पीड वाला रखना होगा।

चंडीगढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस चावला का कहना है कि अभी जीएसटी की पूरी डिटेंल आनी बाकी है। लेकिन जीएसटी का फायदा यह होगा कि अब 15-15 अलग अलग से टैक्स का भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका कहना है कि अब पड़ोसी राज्यों में भी बराबर टैक्स होगा ऐसे में अब जो शहर के व्यापारियों और उपभोक्ताओं के साथ भेदभाव चल रहा है उस पर रोक लग जाएगी। उनका कहना है कि पारदर्शिता बढ़ेगी।

चेम्बर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीयल के अध्यक्ष संदीप साहनी का कहना है कि जीएसटी के लागू होना काफी अच्छा कदम है। उनका कहना है कि व्यापारियों और उद्योगपतियों को जीएसटी समझाने के लिए सेमिनार और जागरूक अभियान चलाने की जरूरत है। इसके लिए सरकार के साथ साथ एसोसिएशन भी कदम उठाएगी।

मेट्रो-43 होटल के मालिक एवं फासवेक के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू का कहना है कि अभी जीएसटी स्पष्ट हीं नहीं है उनका कहना है कि यह जरूर है कि महंगाई जरूर बढ़ने वाली है। उनका कहना है कि इसे लागू करने से पहले से व्यापारियों और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। उनका कहना है कि ऐसी वस्तुओं पर भी टैक्स लग जाएगा जो अभी तक टैक्स फ्री रही है।

साल 2014-15 में इकट्ठा हुआ 1600 करोड़
साल 2014-15 के वितीय वर्ष में आबकारी एवं कराधान विभाग ने शहर में टैक्स के तौर पर 1600 करोड़ रुपये की कमाई की है। यह राशि केंद्र सरकार को प्रशासन द्वारा भेजी जाती है। जबकि चालू वितीय वर्ष के लिए प्रशासन ने 1700 करोड़ रुपये का टारगेट रखा है
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