पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि डेराबस्सी में सड़क पर बसें तय जगह पर ही रोकी जाएं। हाईवे मामलों की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मोहाली के एसएसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह खुद इस व्यवस्था को सुनिश्चित बनाएं।
हाईकोर्ट ने कहा कि डेराबस्सी में जगह जगह बसें रुकने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे हादसों की दर में भी बढ़ोतरी हो रही है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना हुई, तो एसएसपी व्यक्तिगत रूप से इसके जिम्मेवार होंगे। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को निर्धारित की है।
उधर, जीरकपुर डेवलपमेंट प्लान को लेकर भी हाईकोर्ट का कड़ा रुख अख्तियार कर लिया। हाईकोर्ट ने स्थानीय प्रशासन से पूछा कि एनएचएआई को शामिल किए बिना यह प्लान क्यों तैयार किया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि पटियाला, पंचकूला और चंडीगढ़ रोड को जोड़ने के लिए यहां एक फ्लाई ओवर बनाने का भी प्रस्ताव था। इस पर पंजाब सरकार के वकील ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह प्लान विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर यह प्रस्ताव गलत हुआ, तो जीरकपुर में बस स्टैंड के निर्माण पर होने वाले खर्चे की वसूली संबंधित विभागों के अधिकारियों से की जाएगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सभी बसों को बस ले वे में ही खड़ी करने के निर्देश जारी किए है।