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'बेटी के हत्यारे न पकड़े गए तो जान दे दूंगी'

Wed, 10 Dec 2014 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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दुराचार, जान से मारने की धमकियां और बाद में मिट्टी का तेल डाल कर जलाने की घटना के बाद अब लड़की की मौत ने परिवार को झंझोर कर रख दिया है।
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सोमवार रात करीब साढ़े बाहर बजे मौत की सूचना मिलने के बाद पूरा परिवार शोक में डूब गया। पिता चंडीगढ़ में लड़की का इलाज करा रहे थे। मृतका की मां ने रो-रो कर कहा कि बेटी को इंसाफ की मांग करते-करते वह ही इस दुनिया से चली गई।

मां ने चेतावनी दी है कि यदि उनको इंसाफ न मिला तो पूरा परिवार भी अपनी जान दे देगा और वे बेटी को भी मिट्टी नहीं देंगे। उन्होंने इस केस की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग की है। इंसाफ के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम प्रकाश सिंह बादल को भी पत्र लिखा है।
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काफी समय बाद कराया मेडिकल, नहीं मिली रिपोर्ट

मृतका की मां ने कहा कि आरोपी लड़के उनकी बेटी को रास्ते में तंग करते थे। उन्होंने 25 अक्तूबर को लड़की का अपहरण किया। तीन दिन बाद 28 अक्तूबर को बेहोशी की हालत में घर के बाहर छोड़ गए।

काफी मशक्कत के बाद 29 अक्तूबर को पुलिस ने केस दर्ज किया। आरोपियों ने उनकी लड़की के साथ दुराचार किया, लेकिन पुलिस ने दुराचार की धारा नहीं जोड़ी, तीन आरोपी जमानत पर बाहर आ गए। मां का आरोप है कि बाद में पुलिस ने दुराचार की धारा को जोड़ा। पुलिस ने मेडिकल भी समय पर नहीं कराया, बाद में मेडिकल कराया उसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है।

मृतका की मां का आरोप, पुलिस ने नहीं की कोई मदद
मृतका की मां ने बताया कि उनको जान से मारने की धमकियां दी जा रही थी। इंसाफ के लिए पुलिस के कई चक्कर लगाए। 4 नवंबर को छह आरोपियों ने मकान की छत से आकर अंदर घुस कर लड़की पर मिट्टी का तेल डाल उसे आग लगाकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि जली हुई बेटी को मोटरसाइकिल पर ले थाने व अस्पताल ले गए। मां ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की।

हत्या की धारा भी केस में जोड़ी : एडीसीपी

एडीसीपी जसदेव सिंह सिद्धू ने पुलिस की लापरवाही और अन्य आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका तर्क है कि आरोपियों के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। तीनों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। दुराचार के मामले में थाना साहनेवाल में केस दर्ज है। इसमें तीन आरोपियों को काबू कर जेल भेजा गया था, जबकि एक आरोपी फरार है। 4 नवंबर को लड़की को जलाने के मामले में छह आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। लड़की की मौत के बाद इस मामले में धारा 302 भी जोड़ दी गई है। इलाके में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ही फोर्स की तैनाती की गई है।

इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया
लड़की की मौत की खबर मिलते ही लोग इलाके में जमा होना शुरू हो गए। तनाव को देखते प्रेेम नगर इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। कई थानों के  प्रभारी के अलावा एसीपी रूपिंदर कौर और एडीसीपी एसएस अटवाल व जेएस संधू दिन भर मौके पर डटे रहे। पुलिस ने सारे इलाके में गश्त बढ़ा दी।

दिन भर इलाके में बंद रहे बाजार

चंडीगढ़ में युवती की मौत की खबर फैलते ही इलाके में सभी दुकानें बंद रहीं। इलाके के लोग बड़ी संख्या में युवती के घर के आसपास इकट्ठा रहे।

कारखाना मजदूर यूनियन का धरना
कारखाना मजदूर यूनियन की ओर से गठित ढंढारी दुराचार व कत्ल कांड विरोधी एक्शन कमेटी ने मृतका के घर के बाहर धरना लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण माहौल रहा।

यूनियन के प्रधान लखविंदर ने आरोप लगाया कि पुलिस के ढीली कार्रवाई से ही बच्ची की मौत हुई है। उन्होंने साफ किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।
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एक्शन कमेटी की मांगें

-केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, निर्धारित अवधि के भीतर चालान पेश किए जाएं
-सभी आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए
-पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
-लापरवाही करने वाले पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
-महिलाओं की सुरक्षा को यकीनी बनाया जाए
-गुंडा तत्वों पर नकेल कसने को पुख्ता इंतजाम किए जाएं
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