उसका नाम सूची से इसलिए काट दिया गया है वह मर चुका है, दो साल बाद भी वो खुद को 'जिंदा' साबित नहीं कर पाया। जोगेंद्र नगर निवासी हरबंस सिंह को प्रशासन की लापरवाही का बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
अब हरबंस सिंह अधिकारियों से स्वयं को जिंदा घोषित करने की गुहार लगा रहा है। एडीसी कार्यालय में शिकायत देकर अब हरबंस सिंह ने अपना नाम बीपीएल सूची में शामिल करने की मांग की है। हरबंस सिंह ने एडीसी कार्यालय को दी शिकायत में कहा कि उसे एबीपीएल नंबर 133/42 खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी किया गया है।
दो साल से चक्कर काट रहा है
यह राशनकार्ड बीपीएल की सूची में था और यह कार्ड बीपीएल की सूची में था, लेकिन करीब दो साल पहले हुए सर्वे में उसका नाम इस सूची से काट दिया गया है। हरबंस के अनुसार जब उसने मामले की जांच की तो एडीसी कार्यालय की सूची में 125 वें स्थान पर उसका नाम दर्ज मिला।
हरबंस के अनुसार वह देख कर चकित रह गया कि उसका नाम बीपीएल सूची से इसलिए काट दिया गया है वह मर चुका है। वह इसके लिए करीब दो साल से चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और एडीसी कार्यालय के बीच में मामला उलझा हुआ है।
डैमेज कंट्रोल में जुटे कर्मचारी
हरबंस सिंह के अनुसार संबंधित कर्मचारी अब मामले की लीपापोती में जुटे हैं। उन्हें कहा गया है कि वे उनका नाम बीपीएल सूची में डाल देंगे, लेकिन इस लापरवाही के कारण उसे दो साल तक जो राशन नहीं मिला, उसका हिसाब कोई नहीं दे रहा है। हालांकि अब तक हरबंस का नाम बीपीएल सूची में भी नहीं डला है।
मामले की होगी जांच
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। फिर भी मामले की जांच की जाएगी। किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसम मामले में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -गौरी पराशर जोशी, एडीसी