चंडीगढ़। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कई बैंकों में ग्राहकों के खातों को सील किया गया है। किसी का खाता थर्ड लेयर में सील कर दिया गया है तो किसी का खाता पांचवीं लेयर तक में सील किया गया है।
चंडीगढ़ के अलग-अलग बैंक में करंट एकाउंट रखने वाले सर्राफा व्यापारी अब बैंक और पुलिस में फंसकर रह गए हैं। व्यापारी जब अपने फ्रीज और लियन लगे एकाउंट की समस्या को लेकर बैंक जाते हैं तो बैंक अधिकारी कहते हैं कि खातों को दोबारा चालू करने और लियन हटाने के लिए उनको पुलिस से क्लीयरेंस लेटर लानी होगी। वहीं पुलिस का कहना है कि उनकी ओर से बैंक में खाते फ्रीज नहीं किए गए हैं। सर्राफा व्यापारियों की समस्या यह है कि दिन में होने वाली सेल को वह ले तो सकते हैं पर बैंक से निकाल नहीं पा रहे हैं जिसकी वजह से खरीदारी प्रभावित हो गई है।
चंडीगढ़ सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष वरुण चौहान ने बताया कि फिलहाल पंचकूला में एंटी करप्शन विभाग द्वारा उनको कुछ दिन इंतजार करने को कहा गया है। जब तक रिमांड पर लिए गए आरोपियों की जांच नहीं हो जाती तब तक खातों पर कोई एक्शन नहीं लिया जा सकता है।