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पंजाब में बड़ा हादसा, डेराबस्सी में निर्माणाधीन इमारत ढही, मालिक समेत चार की मौत, तीन बाल-बाल बचे

Thu, 24 Sep 2020 01:22 PM IST
खुशबू गोयल दीपक शाही, डेराबस्सी (पंजाब)
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डेराबस्सी में ढही इमारत - फोटो : अमर उजाला
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शहर के रामलीला मैदान के नजदीक मीरा मल्ली मोहल्ले में वीरवार की सुबह निर्माणाधीन एक मंजिला कॉमर्शियल इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। जबकि इस हादसे में तीन लोग बाल-बाल बच गए। इस इमारत के गिरने का कारण इसकी बनाई गई कमजोर नींव बताया जा रहा है। इस इमारत के साइज और वजन के हिसाब इसके लैंटर को रोकने के लिए नीचे बनाए गए पिलर्स की संख्या भी कम थी। इसके साथ ही इमारत के निर्माण में पुराना सरिया और पुरानी ईंटें इस्तेमाल की गई थी। मृतकों में इमारत का मालिक रिटायर्ड मास्टर हरिदेव सिंह सहित तीन मजदूर शामिल हैं। जबकि इस हादसे में तीन लोग बाल-बाल बच गए।

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डीसी मोहाली गिरीश दियालन ने मौके का दौरा कर राहत प्रबंधों का जायजा लिया और एसडीएम कुलदीप बावा को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देकर दस दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। मिली जानकारी के मुताबिक रामलीला मैदान के नजदीक सुबह साढ़े 9 बजे एक लाइन में बनाई जा रही दस अवैध दुकानों की 100 फुट लंबी और 15 फुट चौड़ी इमारत लैंटर सहित गिर गई। इस दौरान लैंटर के नीचे इमारत का मालिक और मजदूरों समेत सात लोग मौजूद थे।

इस दौरान अचानक दीवारोें सहित लैंटर गिरने से मौके पर लोग जमा हो गए और लोगों ने तीन मजदूरों को और मालिक को तुरंत बाहर निकाल लिया। मजदूरों की हालत खतरे से बाहर थी, जबकि इमारत के मालिक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में दाखिल करवाया गया। यहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे की खबर मिलते ही एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा, डीएसपी गुरबख्शीश सिंह और डेराबस्सी थाना प्रभारी सतिंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया।
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पिंजौर से पहुंची 24 सदस्यों की टीम ने राहत कार्य शुरू कर चार घंटे में करीब तीन बजे तक मलबे के नीचे दबे मजदूरोें के तीन शव बाहर निकाले। इस हादसे में चारों मृतकों की पहचान इमारत का मालिक रिटायर्ड मास्टर हरिदेव सिंह और मजदूरोें में 48 वर्षीय गोपीचंद, जिसके तीन बच्चे हैं, 55 वर्षीय राजू जिसके सात बचे हैं, और रमेश जिसके दो बच्चे हैं, के रूप में हुई है। जबकि तीन मजदूर पप्पू, अजीत और दिनेश बाल-बाल बच गए। मृतक मजदूर मूलरूप से अन्य राज्यों के थे और हाल में साधू नगर के बाग में रहते थे।





घायलों को पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने सही सलामत मलबे से बाहर निकाला। उनका प्राथमिक उपचार नजदीक के अस्पताल में करवाया गया। मौके पर सबसे पहले आसपास के लोग पहुंचे और उसके बाद मामले की जानकारी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। 

मौके पर पहुंची पुलिस की टीम और यहां मौजूद लोगों ने मिलकर इमारत के मालिक समेत चार लोगों को मलबे के नीचे से निकाला और उसके बाद में उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया। इमारत मालिक की स्थिति नाजुक होने पर उसे जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ में रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।


 

 

टाइमलाइन

  • सुबह 9.24 बजे इमारत उस समय गिरी जिस दौरान निर्माण का काम चल रहा था, उसमें मौके पर इमारत के मालिक सहित आठ लोग मौजूद थे।
  • हादसा होते ही 9.30 बजे आसपास के दर्जनों लोग मौके पर पहुंचे
  • इमारत के साथ वाले मकान में भी दरार आई है और यह इमारत कभी भी धाराशाही हो सकती है। इस हादसे के बाद डरकर कर साथ वाले मकान के लोग बाहर निकलकर सड़क पर आए
  • 9.45 पर मौके पर स्थानीय पुलिस की टीम पहुंची और लोगों के साथ मिलकर मलबे में दबे दो लोगों को निकालने का काम शुरू किया और करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला, जिसमें इमारत का मालिक भी था
  • 9.50 मिनट पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची
  • 9.55 बजे एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची
  • 10 बजे पुलिस की टीम ने जेसीबी मौके पर बुलाई और उसकी मदद से मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ और नीचे दबे इमारत के मालिक को निकाला
  • 10.13 बजे एसडीएम कुलदीप बावा और डीएसपी गुरबख्शीस सिंह मान मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट मौके से मोहाली डीसी को दी
  • नगर निगम की टीम मौके पर 11 बजे पहुंची। जिसमें ईओ जगजीत सिंह जज और बाकी कर्मचारी थे। मौके पर ईओ ने बिल्डिंग के नक्शे की रिपोर्ट भी मंगवाई
  • 11 बजे सबसे देरी से एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाना शुरू किया।
  • करीब चार घंटे मशक्कत के बाद पहली मंजिल पर फंसे हुए दो लोगों को बाहर निकाला जो गंभीर घायल थे और उन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया
  • दोपहर दो बजे डीसी गिरीश दियालन और एडीसी आशिका जैन मौके पर पहुंचीं और दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अलग-अलग विभाग के अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली
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यह है मामला... नक्शा दो शोरूमों का, बनाई जा रही थीं 20 अवैध दुकानें

मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य बाजार के नजदीक दो भाइयों ने अपने पुराने घरों के बाहर पहले बनीं दो छोटी दुकानों को अब बड़ा करके अपने घर के हिस्से की जमीन भी साथ में जोड़ते हुए 100-100 फुट लंबे दो शोरूमों का नक्शा पास करवाया था। लेकिन लालच में यहां दो शोरूमों की जगह दो लाइनों में अवैध 10-10 कुल 20 दुकानें बना रहे थे। जिसमें मृतक हरिदेव सिंह के पुराने घर वाले हिस्से में दस दुकानें बनकर तैयार हो गई थीं। वहीं अब दूसरे भाई ने भी बन चुकी दुकानों का लैंटर खोलना था। इसके लिए वीरवार को सुबह लैंटर के आगे पुरानी दीवार को निकाला जा रहा था, तभी अचानक लैंटर गिर गया।



लेंटर खोलने के दौरान हुआ हादसा
इस मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि शोरूम की जगह बन रही दुकानों के लेंटर का काम चल रहा था। लेंटर के आगे पुरानी दीवार निकाली जा रही थी। इसी वजह से दीवार और लेंटर एक साथ गिरने से हादसा हुआ।

एनडीआरएफ टीम बोली- एक भी पिलर नहीं बनाने के कारण इमारत गिरी
इस मौके पर मौजूद एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर गोबिंद कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन इमारत के नीचे स्ट्रक्चर के हिसाब से एक भी पिलर नहीं बनाया था और इसी वजह से ये हादसा हुआ है। यहां तक कि इमारत के निर्माण में इस्तेमाल सरिया और ईंटें काफी पुरानी थीं। इमारत का की नींव मजबूत न होने के कारण आज एक तरफ की इमारत ताश के पत्ते की तरह ढह गई, जबकि दूसरे भाई की बनी इमारत में भी दरारें आई हैं। 



डीसी ने दिए जांच के आदेश, मृतकों को 2-2 लाख मुआवजा
हादसे के बाद मोहाली डीसी गिरीश दियालन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही एसडीएम कुलदीप बावा को 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। एसडीएम कुलदीप बावा ने बताया कि डीसी के निर्देश पर जांच शुरू की जा चुकी है। डीएसपी गुरबख्शीश सिंह ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है।



वहीं हलका विधायक एनके शर्मा ने मौके का दौरा किया। उन्होंने मृतक मजदूरों के परिवारों का हौसला बढ़ाया और इमारत के मालिकों और गलत नक्शा पास करने वाले आरोपी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की शह पर हलका डेराबस्सी में अवैध नक्शे पास किए जा रहें हैं। 
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