मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य बाजार के नजदीक दो भाइयों ने अपने पुराने घरों के बाहर पहले बनीं दो छोटी दुकानों को अब बड़ा करके अपने घर के हिस्से की जमीन भी साथ में जोड़ते हुए 100-100 फुट लंबे दो शोरूमों का नक्शा पास करवाया था। लेकिन लालच में यहां दो शोरूमों की जगह दो लाइनों में अवैध 10-10 कुल 20 दुकानें बना रहे थे। जिसमें मृतक हरिदेव सिंह के पुराने घर वाले हिस्से में दस दुकानें बनकर तैयार हो गई थीं। वहीं अब दूसरे भाई ने भी बन चुकी दुकानों का लैंटर खोलना था। इसके लिए वीरवार को सुबह लैंटर के आगे पुरानी दीवार को निकाला जा रहा था, तभी अचानक लैंटर गिर गया।
लेंटर खोलने के दौरान हुआ हादसा
इस मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि शोरूम की जगह बन रही दुकानों के लेंटर का काम चल रहा था। लेंटर के आगे पुरानी दीवार निकाली जा रही थी। इसी वजह से दीवार और लेंटर एक साथ गिरने से हादसा हुआ।
एनडीआरएफ टीम बोली- एक भी पिलर नहीं बनाने के कारण इमारत गिरी
इस मौके पर मौजूद एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर गोबिंद कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन इमारत के नीचे स्ट्रक्चर के हिसाब से एक भी पिलर नहीं बनाया था और इसी वजह से ये हादसा हुआ है। यहां तक कि इमारत के निर्माण में इस्तेमाल सरिया और ईंटें काफी पुरानी थीं। इमारत का की नींव मजबूत न होने के कारण आज एक तरफ की इमारत ताश के पत्ते की तरह ढह गई, जबकि दूसरे भाई की बनी इमारत में भी दरारें आई हैं।
डीसी ने दिए जांच के आदेश, मृतकों को 2-2 लाख मुआवजा
हादसे के बाद मोहाली डीसी गिरीश दियालन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही एसडीएम कुलदीप बावा को 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। एसडीएम कुलदीप बावा ने बताया कि डीसी के निर्देश पर जांच शुरू की जा चुकी है। डीएसपी गुरबख्शीश सिंह ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है।
वहीं हलका विधायक एनके शर्मा ने मौके का दौरा किया। उन्होंने मृतक मजदूरों के परिवारों का हौसला बढ़ाया और इमारत के मालिकों और गलत नक्शा पास करने वाले आरोपी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं की शह पर हलका डेराबस्सी में अवैध नक्शे पास किए जा रहें हैं।