नए बजट में शिक्षा के लिए बड़ी रकम है। 2021-22 के लिए शिक्षा का बजट 18410 करोड़ रखा गया है। पिछले वर्ष यह 15629 करोड़ था। इस बार इसमें 17.8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार ने स्वास्थ्य के साथ तंदुरुस्ती को जोड़ते हुए खेल को भी इसी में समाहित कर लिया है। स्वास्थ्य के लिए सरकार ने 2021-22 में 7731 करोड़ की रकम का प्रावधान किया है, यह रकम पिछले साल 6433 करोड़ थी। सरकार का दावा है कि इसमें 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है लेकिन स्वास्थ्य के खाते में सरकार ने तंदुरुस्ती और खेल को भी जोड़ दिया है।
कोई नया कर नहीं
हरियाणा सरकार को जीएसटी से बड़ी राहत मिल रही है। जीएसटी, आबकारी खनन और अन्य माध्यमों से मिलने वाले राजस्व पर भरोसा करते हुए सरकार ने प्रदेश की जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया है। सरकार का कहना है कि वह अपने संसाधनों के माध्यम से ही राजस्व इकट्ठा करेगी।
दुकानदारों को मालिकाना हक
नगर निकाय के अंतर्गत आने वाली दुकानें पिछले कई सालों से न्यूनतम किराये पर चल रही हैं। इन दुकानों का सर्वे कर आज के मार्केट रेट के हिसाब से सरकार इन दुकानों को चला रहे दुकानदारों को उनका मालिकाना हक देगी। इस योजना के तहत कुल राशि में कुछ राहत देने का भी प्रावधान है।
1.55 लाख करोड़ का बजट
कोविड-19 की चुनौतियों के बीच हरियाणा सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वाभिमान को बजट का आधार बनाते हुए 1.55 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। जबकि पिछले बजट में 1.42 लाख करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था। बजट में सरकार ने नया कर न लगाने का दावा किया है।
सरकार ने कोविड को आधार बनाते हुए बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों पर अधिक फोकस किया है। इसके अलावा स्वाभिमान और स्वावलंबन की झलक अपनी योजनाओं में शामिल की है। कोविड काल में सरकार का राजस्व घट गया था। अक्तूबर माह के बाद यह राजस्व बढ़ना शुरू हुआ है। जिसमें से दस से 12 हजार करोड़ की रिकवरी हो चुकी है।
अनुसूचित जाति के लोगों को कानूनी सहायता योजना राशि दोगुना
सरकार ने अनुसूचित जाति के लोगों को कानूनी सहायता योजना के तहत दी जाने वाली राशि को दोगुना करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के लोगों को अदालतों में संपत्ति, कृषि भूमि, किराया और आरक्षण आदि से संबंधित मामलों की पैरवी का खर्च पूरा करने के लिए 11,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
उन्होंने इसे बढ़ाकर 22,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के लिए 524 करोड़ रुपये आवंटित की हैं। इसके अलावा, हरियाणा सरकार की राज्य बीमा न्यास के माध्यम से एक सर्वसमावेशी बीमा स्कीम शुरू करने की योजना है। इसमें दुर्घटना या किसी अनहोनी घटना में किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह की मृत्यु होने पर विस्तृत बीमा कवर उपलब्ध करवाया जाएगा। यह स्कीम क्रियान्वित होने पर संबंधित विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा चलाई जा रही स्कीमों का स्थान लेगी।
रिवाल्विंग फंड से मिलेगी राहत
हरियाणा सरकार को इस वर्ष 8585 करोड़ की राशि केंद्र सरकार से ऋण के तौर पर लेनी थी। यह राशि सरकार ने इस साल नहीं ली है। केंद्र ने यह कह दिया कि हरियाणा यदि चाहे तो यह अगले साल ले सकता है लेकिन हम यह प्रयास कर रहे हैं कि यह अगले साल भी न लें, अगर लेना भी पड़ा तो इस राशि को हम रिजर्व में रखेंगे, जिससे प्रदेश के ढांचागत विकास को तेज किया जाएगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा।
- अनुमानित बजट में राजकोषीय घाटा 3.83 प्रतिशत
- कोरोना के कारण राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में संकुचन केवल 5.65 प्रतिशत
- राजस्व प्राप्तियां प्रस्तावित 87733 करोड़
- राजस्व व्यय प्रस्तावित 116927 करोड़
- पूंजी प्राप्तियां प्रस्तावित 39751 करोड़
- पूंजीगत व्यय प्रस्तावित 10557 करोड़
मुख्य बजट आवंटन
- विभाग राशि (रुपये में)
- उद्योग एवं वाणिज्य 516 करोड़
- सहकारिता 1274 करोड़
- तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास 1573 करोड़
- परिवहन 2699 करोड़
- लोक निर्माण, सड़क, पुल 2984 करोड़
- जनस्वास्थ्य, अभियांत्रिकी 3401 करोड़
- सिंचाई एवं जल संसाधन 5081 करोड़
- कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां 5279 करोड़
- शहरी विकास व टीसीपी 5599 करोड़
- गृह 5897 करोड़
- पंचायत, ग्रामीण विकास 5979 करोड़
- स्वास्थ्य 7336 करोड़
- ऊर्जा व गैर परंपरागत ऊर्जा 7359 करोड़
- पेंशन 9199 करोड़
- सामाजिक न्याय, अधिकारिता 10798 करोड़
- शिक्षा, खेल, कला, संस्कृति 18118 करोड़
कहां से मिलेगा सरकार को रुपया
- केंद्र से 9.75 प्रतिशत
- उधार 38.41 प्रतिशत
- अपना कर राजस्व 40.90 प्रतिशत
- गैर कर राजस्व 7.15 प्रतिशत
कहां खर्च होगा रुपया
- कर्ज भुगतान 30.80 प्रतिशत
- आर्थिक सेवाएं 25.14 प्रतिशत
- सामान्य सेवाएं 12.79 प्रतिशत
- सामाजिक सेवाएं 31.27 प्रतिशत