हरियाणा सरकार ने बजट में परिवहन क्षेत्र को रफ्तार देने की कोशिश की है। नागरिक उड्डयन से लेकर नए रेल मार्गों और रोडवेज के लिए नई 800 बसें खरीद करने का जिक्र है। नागरिक उड्डन के क्षेत्र में सरकार ने अपने बजट में हिसार विमानन हब को विकसित करने की बात दोहराई है। इसके अलावा, सभी हवाई पट्टियों की लंबाई 5000 फुट तक बढ़ाई जाएगी। पीपीपी मोड पर भिवानी जिले में एक अन्य फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव है। नए वित्त वर्ष में चार हवाई अड्डों हिसार, पिंजौर, करनाल और नारनौल में नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया है।
124 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी, मैनुअली टिकटिंग सिस्टम खत्म होगा
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए रोडवेज की ओर से 124 पूर्णतया इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। वहीं, 800 बिना एसी बसों की खरीद की बात सरकार ने बजट में शामिल किया है। रोडवेज में मैनुअली टिकटिंग सिस्टम को खत्म कर इसके स्थान पर ओपन लूप टिकटिंग सिस्टम और जीपीएस सिस्टम को शुरू किया जाएगा। जून 2021 से नए सिस्टम से यह लागू होने की संभावना है। परिवहन वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए छह और केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें अंबाला, करनाल, हिसार, रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम जिले शामिल हैं। फिलहाल रोहतक के गांव कन्हेली में ही एकमात्र निरीक्षण और प्रमाणन केंद्र है।
करनाल-यमुनानगर और जींद-हांसी रेलवे लाइन की डीपीआर तैयार
बजट में शामिल किए जाने के चलते प्रदेश में नए रेलमार्ग स्थापित होने की आस जगी है। बजट में बताया गया है कि 61 किलोमीटर लंबी नई करनाल-यमुनानगर रेलवे लाइन और 50 किलोमीटर लंबी नई जींद-हांसी रेलवे लाइन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देकर स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेजा है।
इन परियोजनाओं का काम अंतिम चरण
प्रस्तावित परियोजना की समस्त 7200 एकड़ भूमि का मास्टर पर्यावरण नियोजन और शहरी मास्टर नियोजन प्रक्रियाधीन है। एरोस्पेस विनिर्माण, उड्डयन प्रषिक्षण केन्द्र, उड्डयन विश्वविद्यालय, अंतर राष्ट्रीय हवाई अड्डा, एयरोट्रोपोलिस (वाणिज्यिक, औद्योगिक और आवासीय) का कार्य भी विकास के अंतिम चरण में है।
भिवानी में फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना
हरियाणा सरकार आने वाले वर्षों में सभी हवाई पट्टियों की लंबाई को 5000 फुट तक बढ़ाएगी और पीपीपी मोड में भिवानी में एक अन्य फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। वर्ष 2021-22 में चार हवाई अड्डों हिसार, पिंजौर, करनाल और नारनौल में नाइट लैंडिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।