अच्छी रैंक के लिए बेहतर पर्यटन राजस्व भी जरूरी है। भारत का वर्ष 2014 में यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धी सूचकांक यानी विश्व आर्थिक मंच में 65वां स्थान था जो वर्ष 2019 में 34वें पायदान पर पहुंच गया। इसके कारण विदेशी मुद्रा आय जनवरी से नवंबर 2019 की अवधि में 1.75 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.88 लाख पहुंच गई। इस नए बजट से यह आय और बढ़ेगी। आय बढ़ने से पर्यटन में वृद्धि होगी।
इससे रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। राज्य सरकारों को इसके लिए महत्वपूर्ण योजनाएं बनानी होंगी ताकि उसी के मुताबिक उन्हें बजट आवंटित हो सकेगा। इस तरह कहा जा सकता है कि इस वर्ष का बजट हड़प्पा-मोहन जोदड़ो सभ्यता से सिंधु सररस्वती सभ्यता का सफर है। वित्त मंत्री ने अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भारत के इज ऑफ लिविंग इंडेक्स को सुधारने का कार्य इस बजट के अंदर करने की सोची है। इस बजट में पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली के बजट की झलक मिलती है।
100 नए एयरपोर्ट डेवलप से भी टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
देशभर में 100 नए एयरपोर्ट डेवलप करने की बजट की घोषणा को भी टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने के कदम के रूप में ही देखा जा रहा है। विभिन्न पर्यटक स्थलों को जोड़ने के लिए तेजस ट्रेन चलाने की योजना है।
इस कड़ी में पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, हरियाणा भी लाभान्वित हो सकते हैं। इसके अलावा समुद्री म्यूजियम लोथल में बनाने का प्लान अपने में अनोखा है। कुल मिलाकर टूरिज्म के क्षेत्र को यह बजट पंख लगाने का काम करेगा। जरूरत है कि इसे धरातल पर योजनाओं के मुताबिक उतारा जाए और राज्य सरकारें बेहतर साथ दें। - डॉ. प्रशांत गौतम, प्रोफेसर, यूआईएचटीएम पंजाब यूनिवर्सिटी