केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा वेल्थ टैक्स खत्म करने से वे लोग काफी खुश हैं, जो इसके लपेटे में आ गए थे। कई किसान तो ऐसे थे, जिनका वेल्थ टैक्स दो करोड़ रुपये से अधिक तक बन चुका था।
दरअसल, वेल्थ टैक्स यूपीए सरकार के कार्यकाल में उन किसानों पर लगाया गया था, जिनकी जमीनें शहर की चुंगी से आठ किलोमीटर के दायरे में आती हैं। कस्बों में नगर काउंसिल से दो किलोमीटर तक के दायरे में आने वाली खेतीबाड़ी जमीनों पर वेल्थ टैक्स लगाया गया था। इस टैक्स को जमीन की सरकारी रेट के मुताबिक एक फीसदी सालाना केंद्र सरकार को अदा करना था।
जालंधर से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी ने किसानों जत्थेदार गुरदीप नागरा, राजिंदर सिंह नागरा के साथ सीएम प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि वेल्थ टैक्स से किसानों की कमर टूट जाएगी क्योंकि जो किसान शहर और कस्बों के आसपास खेतीबाड़ी कर रहे हैं, वह सालाना इतना पैसा अदा नहीं कर पाएंगे।