चंडीगढ़ में कई वीआईपी के बीएसएनएल के कनेक्शन कट गए। पीजीआई से लेकर सीएम हाउस तक टेलीफोन लाइन ठप है, ये कहीं कोई साजिश तो नहीं। आखिर किसने काटे हैं वीवीआईपी के फोन कनेक्शन और क्यों?
यह बड़ा सवाल है जिसका जवाब न पुलिस के पास है न बीएसएनएल के पास। प्रोफेशनल गिरोह का हाथ होने की आशंका जताकर दोनो महकमे जांच की बात कर रहे हैं, लेकिन इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं इस पर मौन हैं।
खासकर तब जबकि डेरामुखी मामले को लेकर समर्थक किसी भी हद तक जाने को तैयार बैठे हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-3 और 10 के डिवाइडिंग रोड पर 18 और 19 अगस्त की रात को बीएसएनएल की करीब 230 मीटर केबल काट ली गई, जिसकी वजह से पीजीआई की टेलीफोन सेवा ठप पड़ी है, बल्कि हरियाणा और पंजाब सीएम हाउस की बीएसएनएल टेलीफोन लाइन भी डेड हो गई हैं।
बीएसएनएल इन लाइनों को ठीक करने में दो से चार दिन का समय लगने की बात कह रहा है तो चंडीगढ़ पुलिस जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने की जिद पर अड़ी है। बीएसएनएल की करीब 9 लाख रुपये लागत की सेक्टर-2, 9, 10, 11 और 12 की टेलीफोन सेवाएं ठप हैं। इन सभी सेक्टरों में औसतन दो हजार वीवीआईपी रहते हैं।