मोहाली जिला उपभोक्ता फोरम ने बीएसएनएल को सर्विस में कोताही का दोषी करार दिया है। फोरम ने उपभोक्ता को हुई परेशानी के लिए जहां बीएसएनएल पर सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, उपभोक्ता से फोन कनेक्शन की सिक्योरिटी राशि के बदले लिए दो हजार रुपये वापस करने के आदेश दिए हैं।
बीएसएनएल को सारी कार्रवाई एक महीने में करनी होगी। इस संबंध में जिला उपभोक्ता फोरम में जोगिंदर सिंह की तरफ से केस दायर किया गया था। उन्होंने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 की धारा-12 के तहत केस दर्ज किया था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 11 जुलाई 2014 को बीएसएनल का लैंड लाइन फोन लगवाया था। समय पर पर फोन का बिल का भुगतान करता था। उसकी तरफ से कोई भी बकाया शेष नहीं था। 24 नवंबर 2014 को उसने बीएसएनएल का फोन कटवाने का फैसला लिया। उसने एप्लीकेशन फाइल की। वहीं, बीएसएनएल की तरफ से उसी दिन उसके फोन का कनेक्शन काट दिया गया।
वहीं, विभाग के अधिकारियों की हिदायत पर उसने उन्हें फोन से जुड़े अन्य सामान भी वापस कर दिया। इस दौरान बीएसएनएल के अधिकारियों ने बताया कि फोन लगवाने के लिए उनसे वसूली गई 2000 हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि दो से तीन दिन में वापस कर दी जाएगी।
लेकिन, नौ महीन बीत जाने के बाद भी उनकी सिक्योरिटी राशि वापस नहीं की गई। 27 जुलाई 2015 को उन्होंने बीएसएनल को कानूनी नोटिस भेजा। लेकिन इसके बाद भी बीएसएनएल के अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। जिसके बाद उसने जिला उपभोक्ता फोरम में जाने का फैसला लिया है।