बीएसएफ जवान अशोक जाखड़ शहीद, झज्जर में संस्कार
झज्जर के बेटे दीपक की शहादत को एक दिन ही बीता था कि एक और बेटा डयूटी पर शहीद हो गया। 25 अक्तूबर को ही वह छुट्टी से वापस लौटा था। बात हो रही है, झज्जर के गांव अकेली मदनपुर निवासी अशोक की। अशोक पुत्र वजीर सेना में फरवरी 1995 में भर्ती हुआ था।
सेना में बीएसएफ में अशोक जाखड़ हवलदार 25 अक्तूबर को छुट्टी काटकर घर से वापस ड्यूटी पर गया। 26 अक्तूबर को अशोक जाखड़ ने गुजरात के भुज पहुंचकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी।
वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर परेड की गई थी, उस परेड में अशोक जाखड़ शामिल थे। अचानक रात 12 बजे छाती में कुछ दर्द महसूस हुआ और जब सिविल अस्पताल भुज ले जाया गया। 10 मिनट बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
राजकीय सम्मान के साथ किया गया संस्कार
बीएसएफ जवान अशोक जाखड़ शहीद, झज्जर में संस्कार
बीएसएफ के अधिकारी कृष्णचंद्र ने बताया कि अशोक जाखड़ एक इमानदार हवलदार था। गांव में अशोक जाखड़ शहीद के घर पर पहुंचे थे। नम आंखों के साथ शहीद को श्रद्धांजलि दी। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम प्रदीप कौशिक, बीडीपीओ ईश्वर सिंह, मातनहेल तहसीलदार अजय कुमार, मातनहेल सरपंच जगत सिंह, सेहलंगा गांव के सरपंच हरीश कुमार, पूर्व सरपंच सुंदर सिंह, पूर्व सरपंच विक्रम आदि उपस्थित थे।