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बीएसएफ और आईटीबीपी के पास दंगे से निपटने के लिए उपकरण नहीं ः रिपोर्ट

Wed, 01 Jun 2016 08:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
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यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह - फोटो : amar ujala
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प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में आधुनिक हथियारों से लैसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ ) और भारत-तिब्बल सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को दंगे से निपटने में लगाने को गैर जरूरी बताया गया है। इनके पास दंगाइयों से निपटने के लिए जरूरी उपकरण नहीं होते हैं और जो हथियार होते हैं उससे काफी अधिक नुकसान हो सकता है।

फिर भी यह सवाल खटकने वाला है कि पांच जून को हरियाणा में आंदोलन की आशंका को देखते हुए हालात से निपटने के लिए बीएसएफ और आईटीबीपी की टुकड़ियां फिर से तैनात कर दी गई हैं।
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 रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीएसएफ और आईटीबीपी का दंगों से निपटने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अगर पुलिस बल की कमी है, तो रेपिड एक्शन फोर्स(आरएएफ) या केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) की मदद से ऐसे हालात को आसानी से काबू किया जा सकता है।

प्रदेश में एसीएस (होम) का दावा है कि उन्होंने केंद्र से सुरक्षा बलों की मांग की थी और इनके साथ ही बीएसएफ और आईटीबीपी की टुकड़ियां भी भेज दी गई हैं। फरवरी में प्रदेश में जाट आरक्षण की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान हजारों की संख्या में मिलिट्री और पैरामिलिट्री फोर्स को हालात पर काबू पाने के लिए तैनात किया गया था।

प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि बीएसएफ और आईटीबीपी के पास दंगाइयों से निपटने के लिए जरूरी उपकरण नहीं होते। अगर भारी भरकम हथियार या उपकरणों का इस्तेमाल किया जाए तो इससे भीड़ या दंगाइयों को काबू करने की बजाय हालात और खराब हो सकते हैं।
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केंद्र से सुरक्षा कर्मियों की मांग की गई थी। इसी आधार पर केंद्र की ओर से सूबे में आरएएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ सहित अन्य सुरक्षा बलों की टुकड़ियां भेजी गई हैं।
- राम निवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह)
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