पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह अब सीएम प्रकाश सिंह बादल के गांव बादल में गरजेंगे। कैप्टन की अगुवाई में कांग्रेस 18 जून को भरती घोटाले के विरोध में बादल गांव में धरना देगी।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कैप्टन केतेवर अब अक्रामक हो गए हैं। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बादल गांव में धरना देने का एलान किया। साथ ही कहा कि इससे पहले आठ जून को दीनानगर में किसानों को गन्ने के दो सौ करोड़ रुपये बकाये को लेकर धरना देंगे।
13 जून को कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति के खिलाफ जालंधर में धरना दिया जाएगा। इस तरह कैप्टन पहले चरण में माझा, मालवा और दोआबा, तीनों क्षेत्र कवर करेंगे। कैप्टन ने आरोप लगाया कि बादल के नजदीकी दयाल सिंह कोलियांवाली ने पंजाब केयुवाओं से पैसे लेकर नियुक्तियां करवाई हैं।
कोलियांवाली के रूप में एक और रवि सिद्धू सामने आया है, लेकिन कोलियांवाली का हाल भी पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन रवि सिद्धू जैसा ही होगा। जिसे भ्रष्टाचार मामले में जेल भेजा गया था। कैप्टन ने कहा कि आम आदमी पार्टी में संगठन का काम बाहरी लोग देख रहे हैं।
अब सुनने में आया है कि जिलों की जिम्मेदारी भी बाहरी लोगों को दी जा रही है। कैप्टन ने संत रंजीत सिंह ढडरियांवाले पर हमले की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराई।
राष्ट्रीय नेतृत्व पर उन्होंने कहा कि अध्यक्ष सोनिया गांधी 28 साल से दिन-रात काम कर रही हैं, उनकी उम्र 70 साल की हो गई है। अगर वह युवाओं को नेतृत्व देना चाहती हैं तो यह ठीक है। वह छह महीने से राहुल गांधी के साथ काम कर रहे हैं, वह बेहतर फैसले ले रहे हैं।
फाजिल्का के 62 अकाली सरपंच कांग्रेस में शामिल
फाजिल्का में अकाली-भाजपा से जुड़े 62 सरपंच कांग्रेस में शामिल हो गए। फाजिल्का लैंड मॉर्गेज बैंक के चेयरमैन राजिंदर सिंह ने भी कांग्रेस ज्वाइन की। कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनका स्वागत किया। सरपंचों ने अपने पहचान पत्र और सरपंची के सर्टिफिकेट कैप्टन को सौंपे। उन्होंने आरोप लगाया कि सेहतमंत्री सुरजीत ज्याणी उन पर झूठे परचे दर्ज करवा रहे हैं।
जाट आंदोलन में सावधानी बरतने की अपील
आल इंडिया जाट महासभा के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा में जाटों केआरक्षण को प्रस्तावित आंदोलन केदौरान शांति बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह किसी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते। मांगों को शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक ढंग से रखा जाना चाहिए। उनकी मांग जाटों के कमजोर आर्थिक वर्ग के लिए ओबीसी के अधीन आरक्षण केलिए है। इसमें क्रीमी लेयर शामिल नहीं है। दस हजार जाट परिवार ऐसे हैं जिनके पास एक एकड़ जमीन भी नहीं है। इन लोगों को आरक्षण की जरूरत है।