एसएसपी नवजोत सिंह माहल ने बताया कि मामले की तह तक पहुंचते हुए पुलिस टीमें 5 दिन लगातार मोगा व फिरोजपुर जिलों में रही ताकि दोषियों को काबू किया जा सके। घटना संबंधी और जानकारी देते हुए नवजोत सिंह माहल ने बताया कि मनप्रीत कौर ने करीब 8 वर्ष पहले परिवार की मर्जी के बिना होशियारपुर के गांव खडियाला सैनियां निवासी पवनदीप सिंह से विवाह करवा लिया था व बाद में घरवाले के साथ अनबन के कारण उसका अदालत में तलाक का केस चल रहा था। उन्होंने बताया कि मनप्रीत कौर दोबारा अपने मायके जाना चाहती थी परंतु उसके भाई हरप्रीत सिंह जो कि हैप्पी सरपंच के नाम से भी जाना जाता है को यह मंजूर नहीं था, जिसने साजिश रच कर मनप्रीत कौर का कत्ल कर दिया।
जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि कत्ल से एक दिन पहले दोषियों की ओर से इनोवा गाड़ी में रैकी भी की गई व अगले दिन वे स्कारपियो गाड़ी में पहुंचे। उन्होंने बताया कि इकबाल सिंह गाड़ी को चला रहा था व मनप्रीत का भाई गाड़ी से पिछे वाली सीट में छिपा हुआ था। दोनों ने आते समय एक राहगीर से मोबाइल फोन भी छीन लिया था, जिससे इकबाल ने मनप्रीत को व्हाट्सएप काल की थी ताकि काल ट्रेस न हो सके। जबकि मनप्रीत मेन रोड से पहुंची तो इकबाल ने उसे कोई जरुरी बात करने का कह कर उसको पिछली सीट पर बैठने के लिए कहा जहां हरप्रीत ने मनप्रीत का साफे से गला घोंट दिया व वह बेहोश हो गई।
थोड़ा आगे गांव सीकरी के नजदीक मनप्रीत को बाहर ले जाकर अपने 32 बोर के रिवाल्वर से 9 गोलियां मारकर उसका कत्ल कर दिया। उन्होंने बताया कि दोषियों ने माना की करीब एक माह पहले भी हरप्रीत की फार्चूनर गाड़ी में उन्होंने रैकी की थी। पुलिस की ओर से घटना को अंजाम देने के लिए प्रयोग तीनों गाडियां बरामद कर ली गई हैं।