पंजाब के नंगल के गांव बरारी में सतलुज नदी पर बने अस्थायी पुल के बहने से नंगल में जाम की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। बीबीएमबी मैनेजमेंट ने सतलुज में अधिक पानी छोड़ दिया। यही वजह है कि पुल बह गया। नंगल में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का निर्माण अभी धीमी गति से चला रहा है।
बता दें कि नंगल में पूरा-पूरा दिन लगने वाले जामों से निजात दिलाने की खातिर वर्ष 2018 में करोड़ों की लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करवाया गया था। शुरुआती दौर में तो फ्लाईओवर का निर्माण काफी तेजी से चला लेकिन बाद में विभिन्न कारणों के चलते निर्माण की गति बहुत धीमी हो गई। इसका खामियाजा शहरवासियों को उठाना पड़ रहा है। दिनभर लगने वाले लंबे-लंबे जाम के कारण नंगल का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया।
नंगल में जब अरविंद्रपाल सिंह ने बतौर एसडीएम कार्यभार संभाला तो उन्होंने शहरवासियों की हर समस्या को पहल के आधार पर दूर करने की बात कही थी। क्षेत्रवासी अपनी समस्या लेकर किसी भी समय उनसे मिल सकते हैं। फ्लाईओवर के सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्यभार संभाले मात्र दो दिन ही हुए हैं। फ्लाईओवर निर्माण में जुटी कंपनी व अन्य सरकारी अधिकारियों को अगले सप्ताह बुलाया है।
भाखड़ा डैम के पीछे बनी गोबिंद सागर झील पानी से लबालब
भाखड़ा डैम के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील में बीते वर्ष के मुकाबले 30 फीट पानी अधिक होने व जनवरी माह में बारिश होने की आशंका को देख बीबीएमबी मैनेजमेंट ने नंगल डैम से सतलुज नदी में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार बीते वर्ष इसी दिन भाखड़ा डैम के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील का जल स्तर 1632.40 फीट दर्ज किया गया था और इस बार गोबिंद सागर झील में 7173 क्यूसेक पानी की आमद के साथ ही झील का स्तर 1662.62 फीट तक जा पहुंचा है।
भाखड़ा डैम से 36775 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बात अगर नंगल डैम से नंगल हाइडल व और श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहरों की करें तो नंगल हाइडल नहर में 12500 जबकि श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 10150 क्यूसेक और सतलुज नदी में 4500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जबकि पहले सतलुज नदी में 9000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर बीबीएमबी मैनेजमेंट की सहमति बनी थी।