दड़वा के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित
बच्चों ने बताया कि तीन-साढ़े तीन महीने तक तो उन्होंने ऐसा ही किया लेकिन अब पुल से एक मिट्टी का पतला रास्ता बन गया है, जिससे वह जल्दी स्कूल पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये खतरनाक है लेकिन कम साइकिल चलाना पड़े, इसलिए ऐसा करना पड़ता है। दड़वा निवासी हिशे नेगी ने बताया कि पुल का रास्ता बंद होने से दड़वा के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सैंकड़ों बच्चे, जो सेक्टर-28 और अन्य सेक्टरों में पढ़ते हैं, वो पुल के रास्ते से साइकिल से जाते थे। अब उन्हें मध्यमार्ग के रास्ते से जाना पड़ता है, जो उनकी सुरक्षा के लिए भी ठीक नहीं है। मेडिकल इमरजेंसी में भी दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन जाने वाले जो लोग पुल से जाते थे, उन्हें मध्यमार्ग से होकर जाना पड़ रहा है।
सारा दबाव झेल रहा मध्यमार्ग, शाम को लगता है जाम
इंडस्ट्रियल एरिया का यह पुल बंद होने से ट्रैफिक का काफी सारा दबाव मध्य मार्ग पर है। मोहाली से चंडीगढ़ आने और जाने के कई रास्ते हैं लेकिन पंचकूला के लिए कम हैं इसलिए प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने दो साल पहले सीटीयू वर्कशॉप से लेकर हल्लोमाजरा चौक तक की सड़क को डबल लेन किया ताकि पंचकूला जाने वाला ट्रैफिक उसी रास्ते के माध्यम से पंचकूला की तरफ जा सके लेकिन अब यह रास्ता बंद है, जिसकी वजह से सारा ट्रैफिक मध्यमार्ग झेल रहा है और रोजाना शाम को जाम लग रहा है। दड़वा के लोगों का आरोप है कि नगर निगम इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। अधिकारी भी शांत बैठे हैं, जिसकी वजह से पुल का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है।
बारिश से प्रभावित हुए सारे रास्ते खुले, अब तक सिर्फ यही बंद
पंचकूला आने और जाने के लिए शहर से कुल करीब पांच रास्ते हैं, जिसमें से चार 9 और 10 जुलाई को हुई बारिश में बंद हो गए थे। सिर्फ मध्य मार्ग का रास्ता खुला था। विभागों ने कुछ ही दिनों में बाकी रास्तों को खोल दिया लेकिन गोशाला के पास का पुल अब तक बंद है। स्थानीय पार्षद के पति और पूर्व डिप्टी मेयर अनिल दुबे ने कहा कि पुल को बंद हुए काफी समय हो गया है। उन्होंने भी कई बार अधिकारियों से इस संबंध में बात की है। उन्हें बताया गया कि पुल का एक हिस्सा बारिश से टूटा था, उसे ठीक करके जब पानी छोड़ा गया तो दूसरे हिस्से को भी नुकसान पहुंचा इसलिए कार्यों में देरी हुई है। मेयर अनूप गुप्ता ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पुल के कार्य को लेकर एक समीक्षा की है। विभिन्न कारणों की वजह से देरी हुई है लेकिन अब उम्मीद है कि जल्द ही पुल का रास्ता लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।