वायु प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब में 31 अक्टूबर से अगले साल 28 फरवरी तक सभी ईंटों के भट्ठे बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। एनजीटी ने इस फैसले के तहत पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसे अपीलेट अथॉरिटी ने हाल ही में बदलकर ईंट-भट्ठे जारी रखने के आदेश दिए थे। पीपीसीबी ने नवंबर से फरवरी तक पंजाब में सभी ईंट भट्ठे बंद रखने का आदेश दिया था।
पीपीसीबी के आदेश के खिलाफ ईंट भट्ठा मालिकों ने अपीलेट अथॉरिटी का दरवाजा खटखटाया था। अपीलेट अथॉरिटी ने पीपीसीबी के आदेश को सिरे से खारिज करते हुए भट्टा मालिकों के हक में फैसला दिया था। अपीलेट अथॉरिटी के इसी फैसले को कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एनजीटी में चुनौती दी, जिस पर एनजीटी ने फैसला सुनाते हुए अपीलेट अथॉरिटी के फैसले को बदल दिया है।
पीपीसीबी के वकील नागेंद्र बेनीपाल ने बताया कि सुनवाई के दौरान एनजीटी ने पंजाब सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आगामी चार महीनों में जब भट्ठा मालिक ईंटों का निर्माण ना कर रहे हों तब भी ईंटों की कीमत में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा एनजीटी ने यह भी सुनिश्चित करने के आदेश पंजाब सरकार को दिए हैं कि भट्ठा मालिक जहां ईंटें बनाते हैं, वहां जमीन से धूल उड़ने से रोकने के लिए उन जगहों को पक्का करवाया जाए।
एनजीटी ने यह भी कहा है कि जो भट्ठा मालिक इन आदेशों का पालन नहीं करेंगे, उनपर जुर्माना लगाया जाए। उल्लेखनीय है कि पीपीसीबी द्वारा आगामी चार महीनों तक ईंट भट्ठे बंद करवाने का उद्देश्य यह है कि सर्दी के मौसम में प्रदूषण से कोहरे को बढ़ावा न मिल सके।