चंडीगढ़। 1.3 लाख रुपये की रिश्वत मामले में बठिंडा निवासी इंद्रजीत सिंह बाथ ने सीबीआई अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आरोपी ने याचिका में उल्लेख किया कि उसका नाम एफआईआर में नहीं है और न ही उस पर सीधा आरोप है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। उसे मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उसका पीछे भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसकी एक नाबालिग बेटी है जो उसकी आय पर ही निर्भर है। उसने कहा वह जांच में सीबीआई को पूरा सहयोग करेगा और किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेगा। 24 अगस्त को सीबीआई इस पर बहस कर अपना जवाब दायर करेगी।
बता दें कि 30 मई 2019 को सीबीआई को सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित केंद्रीय सदन मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड इंप्लायमेंट कार्यालय के डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर महेश चंद शर्मा और लेबर इंफोर्समेंट अफसर विवेक नाइक कुछ लोगों के साथ मिलकर बठिंडा स्थित निजी कंपनियों से लेबर लॉ और ईपीएफ को लेकर उनसे महीने के हिसाब से पैसे लेते हैं। इसके बाद सीबीआई ने लेबर अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों को पंचकूला के सेक्टर-10 से गिरफ्तार किया था लेकिन सीबीआई ने अदालत में सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। सात लोगों में महेश चंद शर्मा (डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर), विवेक नाइक (इंफोर्समेंट लेबर अफसर), गुरमीत सिद्धू, (बिचौलिया), मुनीष गर्ग (बिचौलिया), अखंड राज सिंह नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी और दो प्राइवेट कर्मचारी इंद्रजीत सिंह बाथ व लखविंदर सिंह शामिल हैं।