इस पर सीबीआई ने कहा कि शिकायत के मुताबिक आरोपी जसविंदर कौर ने रिश्वत की मांग भी की और उसके कहने पर भगवान सिंह ने रिश्वत के पैसे भी लिए, जिन्हें रिकवर कर लिया गया। यह सभी आरोपियों के बीच साजिश थी। सीबीआई ने कहा कि इनके खिलाफ सीसीटीवी फुटेज से भी सुबूत मिले हैं, इसलिए रिमांड की अनुमति दी जाए।
रोजाना मिल सकेंगे वकील
जसविंदर कौर की ओर से अदालत में एक और याचिका दायर की गई। इसमें वकील ने हाईकोर्ट के नियमों और डीके बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस की जजमेंट का हवाला देते हुए जसविंदर कौर से कस्टडी के दौरान मिलने दिए जाने की मांग की। सीबीआई की ओर से आपत्ति न जताने पर अदालत ने याचिका को मंजूर कर दिया। अदालत ने रोजाना शाम पांच से छह बजे तक वकीलों को जसविंदर कौर से मिलने की अनुमति दी है। नियमों के मुताबिक रिमांड से पहले जसविंदर कौर का मेडिकल और कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। अब 29 जुलाई को जसविंदर कौर को जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
मुझे फंसाने में एक गिरोह का हाथ
सरेंडर करने पहुंची जसविंदर कौर ने अदालत के गेट पर रोते हुए कहा कि वह बेकसूर हैं क्योंकि वह डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों पर चलने वाली चंडीगढ़ की पहली महिला पुलिसकर्मी हैं। उनके साथ इंस्पेक्टर होने के नाते सबसे ज्यादा धक्का हो रहा है। उसे फंसाने में एक गिरोह का हाथ है। वह गिरोह पीछे लगा हुआ है, जिस कारण उसके साथ ऐसा हो रहा है। यह कहने के बाद जसविंदर कौर रोते हुए अदालत परिसर के अंदर चली गई।
जसविंदर कौर के अदालत परिसर में प्रवेश करते ही वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया। वकील करणदीप खुल्लर, रविंदर बस्सी और विनोद वर्मा ने विरोध जताते हुए कहा कि पिछले चार महीने से अदालत बंद है। आम आदमी, मुंशी और क्लर्कों समेत मीडिया को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। ऐसे में जसविंदर कौर को अंदर प्रवेश कैसे मिल गया, जबकि वह रिश्वत मामले में आरोपी है।
उन्होंने कहा कि सभी मामलों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हो रही है। जसविंदर कौर के लिए अदालत को कैसे खोल दिया गया। यह कानून के नियमों का उल्लघंन है। उन्होंने आरोप लगाया कि जसविंदर कौर को छिपाने में चंडीगढ़ पुलिस का पूरा हाथ था। पुलिस उसके साथ है, इसलिए उसे सम्मान के साथ परिसर में प्रवेश कराया गया। वकीलों ने कहा कि वह जल्द ही अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
यह है मामला
मामला 26 जून का है। जसविंदर कौर ने एक धोखाधड़ी के मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांगी थी। इसके बाद मनीमाजरा निवासी गुरदीप सिंह ने मामले की सूचना सीबीआई को दी। सीबीआई ने बिचौलिए भगवान सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था। अभी वह न्यायिक हिरासत में है। जसविंदर कौर इस मामले में बीते 26 दिन से फरार चल रही थी। अदालत ने भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। अदालत ने जसविंदर कौर को 28 अगस्त तक अदालत में पेश होने का समय दिया था। उससे पहले ही जसविंदर कौर ने शनिवार को सरेंडर कर दिया।