ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं के लिए एक बुरे सपने जैसा है। इसका इलाज भी संभव है, लेकिन अगर उपचार समय पर नहीं किया गया तो उन्हें यह मौत के दरवाजे तक ले जाता है।
पंचकूला सेक्टर-छह जनरल अस्पताल के सर्जन विवेक भादू ने बताया कि अस्पताल में हर माह दो से तीन मरीज ब्रेस्ट कैंसर के आ रहे हैं। डॉक्टर की मानें तो आज के समय में महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर का मुख्य कारण खानपान, प्रदूषण, देर रात तक जागना है। अगर घर में किसी को कैंसर रहा हो तो भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अक्तूबर माह दुनिया भर में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है।
कैसे होता है कैंसर
मानव का शरीर सेल्स से बना है। शरीर की जरूरत के हिसाब से सेल्स आपस में बंटते और बढ़ते रहते हैं, लेकिन कई बार सेल्स की बढ़ने की जरूरत नहीं होती, बावजूद इसके सेल्स बढ़ते रहते हैं। नतीजतन उस खास अंग में गांठ या ट्यूमर बन जाता है। असामान्य तेजी से बंटकर अपने जैसे बीमार सेल्स का ढेर बना देने वाले एक सेल से ट्यूमर बनने में बरसों, कई बार तो दशकों लग जाते हैं। जब कम-से-कम एक अरब ऐसे सेल्स जमा होते हैं, तभी वह ट्यूमर पहचानने लायक आकार में आता है।
क्यों होता है कैंसर
breast cancer
वैसे तो ब्रेस्ट कैंसर के 100 में से 10 मामलों में ही अनुवांशिकता काम करती है, लेकिन कैंसर होने में जीन के बदलाव का 100 फीसदी हाथ होता है। जींस, एनवायरनमेंट और लाइफस्टाइल- ये तीन कारक मिलकर किसी के शरीर में कैंसर होने की आशंका को बढ़ाते हैं।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
स्तन में गांठ, स्तन में दर्द होना, खुजली या उसका लाल हो जाना, अंडर आर्म्स में दर्द, गर्दन के ऊपरी हिस्से में दर्द, थकावट
इन कारणों से बढ़ता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा
30 साल की उम्र के बाद प्रेग्नेंट होने पर भी इसके चांसेस बढ़ जाते हैं। 12 साल की उम्र से पहले ही पीरियड्स आना आगे चलकर ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ा देता है। अगर आपको पीरियड्स 55 की उम्र के बाद ही बंद हो गए है तो आपको यह बीमारी हो सकती है। शरीर में किसी तरह के जनेटिक बदलाव के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर की समस्या बढ़ जाती है।