पंजाब में बीते दो वर्षों से हिंदू नेताओं की हत्याओं की गुत्थी आखिर पंजाब पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी मामलों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिंक मिले हैं। आईएसआई ने ही विदेशी जमीन से पंजाब में अस्थिरता फैलाने की साजिश रची। इसमें विदेशों में बैठे कट्टरपंथी भी शामिल हैं। इसी मकसद से हत्या की वारदातों को अंजाम दिया गया।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जालंधर में बहुचर्चित आरएसएस नेता ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या समेत ज्यादातर कत्ल केस सुलझा लिए गए हैं। हालांकि गगनेजा केस सीबीआई को सौंप दिया गया था, पर पंजाब पुलिस ने ही इसे हल कर लिया। पिछले महीने हुए लुधियाना में संघ नेता रविंदर गोसाईं समेत जनवरी 2016 से अब तक हुईं अधिकतर हत्याओं की गुत्थी सुलझा ली गई है। इनमें दुर्गा दास, अमित शर्मा, डेरा सच्चा सौदा प्रेमी सतपाल कुमार और उनके बेटे और पास्टर सुल्तान मसीह की हत्या के मामले शामिल हैं।
इनकी हत्या करने के आरोपियों में जिम्मी सिंह, जगतार जौहल उर्फ जग्गी, गैंगस्टर धरमिंदर सिंह गुगनी और एक शूटर शामिल हैं। शूटर को मंगलवार को ही गिरफ्तार किया गया है, इसलिए उसके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। पर पुलिस के पास उसकेखिलाफ फोरेंसिक और बैलिस्टिक सबूत हैं। सीएम ने कहा कि इन हत्याओं का मकसद पंजाब को अस्थिर करना था। जो कि हमेशा से आईएसआई का भारत विरोधी एजेंडा रहता है। आईएसआई के गेम-प्लान में युवाओं को कट्टरपंथी बनाना भी शामिल है।