लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे ईजीएस-एआईई टीचरों के आगे आखिर सरकार को झुकना पड़ा।
बठिंडा में आंदोलन के दौरान ठंड से 14 महीने की एकनूर कौर रूथ की मौत के बाद से आंदोलन गंभीर रूप धारण कर रहा था। सभी विपक्षी दल भी टीचरों के पक्ष में लामबंद होने लगे थे।
मामले की संजीदगी को देखते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने दखल दिया। उन्होंने रविवार सुबह टीचरों के दल के साथ बैठक की।
इसमें टीचरों की सभी मांगों का निपटारा कर दिया गया। टीचरों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है, रूथ का संस्कार सोमवार सुबह बठिंडा में किया जाएगा।
टीचरों की एक्शन कमेटी के पांच सदस्यों की मीटिंग सीएम के साथ सुबह 9.10 बजे शुरू हुई, जो 10.45 बजे तक चली। फिर उच्च अधिकारियों के साथ पौने दो बजे तक मीटिंग हुई।
इसमें फैसला लिया गया कि बच्ची के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। उसके पिता मैट्रिक पास हैं, उन्हें सरकारी नौकरी दी जाएगी। नौकरी किस विभाग और किस जिले में मिलेगी, इस पर एक हफ्ते में फैसला हो जाएगा।
वहीं, सरकार ने नौकरी बहाली की टीचरों की मांग पर भी अहम फैसला लिया है।