राज्य सरकार की आटा दाल स्कीम के तहत डिपूओं पर घटिया क्वालिटी की गेंहू सप्लाई हो रही है।
एक रूपये किलो वाले इस गेंहू की रोटी खाने से जैतो में एक परिवार के पांच सदस्यों के बीमार होने का मामला सामने आया है। इन्हें बुधवार को स्थानीय सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इस मामले में पीड़ित परिवार का ब्यान लेने के बावजूद ना तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की है और ना ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है।
सिविल अस्पताल में उपचारधीन मुक्तसर रोड़ के कोठे देहाती निवासी रेशम सिंह ने बताया कि उन्होंने 4-5 दिन पहले बस स्टैंड के करीब सरकारी राशन डिपू से गेंहू ली थी।
मंगलवार शाम उन्होंने उस गेंहू के आटे से रोटी तैयार की थी। रात को उनके समेत पत्नी कुलविंदर कौर,बेटे गुरप्रीत सिंह,बेटी बलविंदर कौर व पौत्री हरमन रोटी खा कर सो गए।
बुधवार सुबह उठते ही सभी की आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा और चक्कर आने लगे। रेशम सिंह व बलविंदर कौर को उल्टीयां आने लगे। हालत बिगड़ने पर इन सभी को सिविल अस्पताल भर्ती करवाया गया है।
थाना जैतो पुलिस ने पीड़ित परिवार का ब्यान दर्ज कर लिया है लेकिन देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की है। थाना प्रभारी के अनुसार उनकी डयूटी बठिंडा में लग गई है और वह यहां से वापिस लौट कर ही पड़ताल करेंगे।
एसएमओ वरिन्द्र कुमार का कहना है कि खानपान की वजह से ही परिवार की हालत बिगड़ी है और यदि हालत में सुधार न हुआ तो उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर किया जाएगा।
वहीं सिविल सर्जन डॉ.सुरिंदर कुमार ने भी मामले से अभिज्ञानता जताते हुए बताया कि उनके पास इस घटना के संदर्भ में अभी तक एसएमओ जैतो से कोई रिपोर्ट नहीं आई है।