पहले अखिल गेरा पर हमला, फिर बाउंसर राम चौधरी का लुधियाना के दोराहा की नहर में शव मिलना और फिर मीत का मर्डर। इस बार गैंगवार हुई तो पुलिस जिम्मेवार होगी। एक साल में मीत के गुट पर लगातार हमले हुए। अब गैंगवार हुई तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। यह कहना है अमित शर्मा उर्फ मीत की टीम के बाउंसरों का। मीत एंड कंपनी ने तीन दोस्तों पर जानलेवा हमले की आशंका की शिकायत दी है।
नहीं सुलझी राम बाउंसर के मौत की गुत्थी
14 जनवरी 2016 : पहले लापता फिर नहर में मिली बाउंसर की लाश
सेक्टर-27 निवासी बिजनेसमैन पवन के दोस्त को चेक बाउंस मामले में लुधियाना पुलिस पकड़कर ले गई। पवन उस केस में पैरवी करने के लिए अपने भांजे जयंत, सेक्टर-42 निवासी सोनू नागरा और सेक्टर-23 निवासी बाउंसर राम चौधरी के साथ लुधियाना पहुंचा और वहां के रेस्तरां में खाने के बाद सभी चंडीगढ़ के लिए निकल गए। इसके बाद चारों गाड़ी समेत लापता हो गए और साढे़ तीन महीने बाद लुधियाना-चंडीगढ़ के दोराहे पर बनी नहर में उनके शव मिले। राम बाउंसर मीत का खासमखास था। शव मिलने के बाद बाउंसर राम का एक हाथ भी गायब था। यह मामला अभी तक सुलझा नहीं है। अब इसमें भी हत्या का शक जाहिर किया जा रहा है।