चंडीगढ़। पीयू के बॉटनी विभाग के शोधार्थियों की प्रयोगशाला पर ताला लगाने का मामला तूल पकड़ गया। शोधार्थियों के समर्थन में अन्य छात्र व छात्र नेता उतर आए हैं। उन्होंने विभाग को चेतावनी दी है कि शोधार्थियों को परेशान न किया जाए अन्यथा विभाग के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
वीरवार की शाम बॉटनी विभाग की ओर से कुछ शोधार्थियों के काम में आ रही प्रयोगशाला पर ताला जड़ दिया गया। इससे शोधार्थियों ने आक्रोश जताया। उन्होंने प्रकरण विभाग के अलावा उच्च अधिकारियों को अवगत कराया पर कुछ राहत नहीं मिली। शोधार्थियों का शोध लगातार प्रभावित हो रहा है। साथ ही शोध सामग्री भी खराब होने का डर है। वहीं दूसरी ओर गाइड ने भी उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है कि वह ऐसे माहौल में शोधार्थियों को गाइड नहीं कर पाएंगे। इससे शोधार्थियों की चिंता बढ़ गई। शुक्रवार को यह मुद्दा सार्वजनिक हुआ तो छात्रों ने शोधार्थियों को फोन कर समर्थन दिया और कहा कि वह अपने को अकेले न समझें। यह अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। शोधार्थियों की यूनियन के कई छात्र नेताओं ने भी विभाग की इस प्रक्रिया का विरोध किया। एनएसयूआई, एबीवीपी से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने भी शोधार्थियों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि विभाग को बड़प्पन दिखाना चाहिए। यदि किसी शोधार्थी को रूम आवंटित आज तक नहीं हुआ तो विभाग नया प्रयोग करे। चार से पांच शोधार्थियों को एक रूम दिया जा सकता है। ताला जड़ने वाली प्रयोगशाला में वैसे ही चार शोधार्थी कार्य कर रहे हैं।