पाक सीमा से सटे गांव ताश के खेत में ब्लास्ट की घटना किसानों की भी कारस्तानी तो सकती है। इसलिए पुलिस मामले की जांच कई बिंदुओं पर कर रही है। एसएसपी ने भी संभावना जताई है कि ग्रामीण जंगली सुअर को भगाने के लिए भी ऐसे उपाय करते हैं। उनके द्वारा कई बार जानवरों से फसल को बचाने के लिए खेतों में दमदार पटाखे भी लगा दिए जाते हैं। इन पटाखे जानलेवा भी हो सकते हैं। हालांकि घटना के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी और बढ़ा दी गई है।
गांव ताश भारत-पाक सीमा पर बसा होने के कारण बेहद संवेदनशील है। यहां के ज्यादातर ग्रामीणों के आय का जरिया खेती और पशु पालन ही है। किसानों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान जंगली जानवरों से होता है। पुलिस अधीक्षक गुरप्रीत सिंह तूर ने बताया कि किसान कई बार जानवरों से अपनी फसल की सुरक्षा के लिए खेतों में पटाखे भी लगाते हैं। इन पटाखों की खासियत यह होती है कि मामूली ठेस लगने पर ही इसमें धमाका होता है।
जाहिर है ऐसे पटाखे आम लोगों के लिए भी जोखिम भरे और खतरनाक होते हैं। रविवार की घटना ऐसे माहौल के बीच हुई है, जब सीमा पर तनाव की स्थिति है। इसलिए पुलिस और सैन्य अफसरों के लिए घटना की तफ्तीश में प्रत्येक संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है।