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प्राइम फेजों में होगी बूथों की नीलामी

Wed, 06 Nov 2013 10:55 AM IST
अमर उजाला, मोहाली।
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शहर में एक बार फिर प्रॉपर्टी बाजार गर्माने वाला है। गमाडा ने छह प्राइम फेजों में बूथ साइट्स की नीलामी करने का फैसला लिया है। लेकिन, इस बार खुली बोली की जगह गमाडा ने बूथ साइट के लिए लिफाफा बंद बोलियां मांगी हैं।
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247 बूथ साइट्स के लिए लोग दो दिसंबर तक अपनी बोली दे पाएंगे। जबकि, दस दिसंबर को लोगों द्वारा भेजी गई बोलियां खोली जाएगी। इसके बाद गमाडा नामों की घोषणा करेगा। साथ ही वेबसाइट पर विजेताओं के नाम घोषित किए जाएंगे।

जिन सेक्टरों में गमाडा ने बूथ साइट्स नीलाम करने का फैसला लिया है। यह सेक्टर काफी प्राइम हैं। इनमें विकास कार्यों जोरों पर चल रहे हैं। साथ ही लगभग सभी सेक्टर चंडीगढ़ से सटे हुए हैं।
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गमाडा ने साफ किया है कि सारी बूथ जरनल ट्रेड कर पाएंगे। जबकि, हर सेक्टर में बूथ साइट्स का साइज अलग-अगल है। गमाडा अधिकारियों के मुताबिक, जब विजेताओं को साइट्स सौंपी जाएगी। उस समय पैमाइश की जाएगी। जितना एरिया बनता होगा उसी हिसाब से पैसेे लोगों को भरने होंगे।


इन सेक्टरों में होगी बूथ साइट्स
गमाडा अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर-53, 56, 59, 61, 64, 68 में बूथ साइट्स की नीलामी की जाएगी।

हर मार्केट में 50 के करीब बूथ साइट्स की नीलामी होगी। गमाडा ने साफ किया है कि रिजर्व प्राइस से कम किसी भी कीमत पर साइट्स नीलाम नहीं होगी।

बोली के लिए ये होंगी शर्तें
गमाडा ने तय किया है कि बूथ साइट्स के लिए भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक आवेदन कर सकता है। लेकिन, उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

एक व्यक्ति केवल एक ही आवेदन फार्म भरेगा। हालांकि, फार्म में विभिन्न सेक्टरों में बूथों के लिए बोली दे सकता है। इस दौरान प्रत्येक बूथ के लिए अर्नेस्ट मनी एक लाख रुपये जमा करवानी होगी।

यह डिमांड डॉफ्ट के रूप में गमाडा के एस्टेट आफिसर के एकाउंट में जमा होगी। बोली देते समय लोगों को किसी भी प्रकार के दस्तावेज जमा नहीं करवाने होंगे। दस्तोवज बोली खुलने के बाद जमा होगी।


प्रॉपर्टी डीलरों पर रहेगी नजर
गमाडा ने यह स्कीम लोगों के हितों को ध्यान में रखकर शुरू की है। क्योंकि जब खुली बोली होती है। तो उसमें प्रॉपर्टी डीलर गेम कर देते हैं। वे बोली को काफी ऊंचा ले जाते हैं।

इससे कई बार जरूरतमंद लोग बोली की दौड़ से बाहर हो जाते हैं। लेकिन, लिफाफा बंद बोलियों में ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे पहले गमाडा ने बिल्ट-अप-बूथों के लिए लिफाफा बंद बोलियां मांगी थी। गमाडा का यह प्रयोग सफल रहा था।
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